Marco Rubio India Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस समय भारत के बेहद महत्वपूर्ण और चार-दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं. पिछले साल अमेरिकी विदेश मंत्री का पदभार संभालने के बाद रुबियो की यह पहली भारत यात्रा है, जिसकी शुरुआत उन्होंने एक बेहद चौंकाने वाले और भावनात्मक कदम से की है. भारत आते ही वे राजधानी दिल्ली के बजाय सीधे सांस्कृतिक शहर कोलकाता पहुंचे, जहां उन्होंने मदर टेरेसा द्वारा स्थापित ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ का दौरा किया.
यूएस के विदेश मंत्री के इस कदम पर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यह ऐतिहासिक पल पूरी दुनिया को याद दिलाता है कि भारत और अमेरिका की यह महान साझेदारी सिर्फ मजबूत नीतियों और कागजों पर नहीं टिकी है, बल्कि यह हमारे साझा मूल्यों और निस्वार्थ सेवा की उस गहरी भावना पर आधारित है जो सीमाओं के बंधन से परे है.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ कोलकाता की गलियों में कदम रखा और भारत-अमेरिका दोस्ती की मजबूत नींव को दुनिया के सामने रखा. सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि वे अपने मित्र मार्को रुबियो का भारत में स्वागत करते हुए बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक, उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-अमेरिका साझेदारी को और भी ज्यादा शक्तिशाली बनाने के पोटस (POTUS यानी अमेरिकी राष्ट्रपति) के विज़न को तेजी से आगे बढ़ाना है ताकि वैश्विक मोर्चे पर दोनों देश मिलकर वास्तविक प्रगति कर सकें.
कोलकाता में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए भव्य स्वागत और ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के दौरे के बाद अब मार्को रुबियो का अगला पड़ाव देश की राजधानी है. अमेरिकी राजदूत के अनुसार, शनिवार को ही नई दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक बेहद हाई-प्रोफाइल मुलाकात तय है.
बता दें कि यह दौरा (Marco Rubio India Visit) ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया में भू-राजनीतिक चुनौतियां और तनाव चरम पर हैं, और ऐसे में दोनों महाशक्तियां रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर अपने सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहती हैं. इसके तुरंत बाद, रविवार को रुबियो भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें कई गुप्त और महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर लग सकती है.
इस पूरे दौरे का सबसे बड़ा और मुख्य केंद्र आगामी मंगलवार यानी 26 मई 2026 को नई दिल्ली में होने वाली ‘क्वाड’ (Quad) विदेश मंत्रियों की महा-बैठक है. इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी की मेजबानी करेंगे.
इस बैठक की चर्चा से अभी से ही विरोधी देशों के खेमे में हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि इस चर्चा का मुख्य केंद्र इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग को अभूतपूर्व तरीके से मजबूत करना है. बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच चारों देश रक्षा, ग्लोबल ट्रेड, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता में अपने सहयोग का विस्तार करने के लिए एक साझा रणनीति पर काम करेंगे.
ये भी पढ़ें-दिल्ली-एनसीआर में बारिश और आंधी से मौसम सुहाना, 28 मई तक लू का खतरा
मार्को रुबियो का यह भारत दौरा (Marco Rubio India Visit) सिर्फ गंभीर कूटनीतिक बैठकों तक ही सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि इसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी. नई दिल्ली में होने वाली बैठकों और कूटनीतिक व्यस्तताओं के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री भारत के दो सबसे खूबसूरत और ऐतिहासिक शहरों, आगरा और जयपुर की यात्रा भी करेंगे.
जानकारों का मानना है कि अमेरिका के शीर्ष राजनयिक द्वारा अपनी यात्रा की शुरुआत कोलकाता की ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ जैसी आध्यात्मिक जगह से करना और फिर ताजमहल व गुलाबी नगरी जयपुर का दीदार करना यह साफ दिखाता है कि अमेरिका भारत के साथ केवल व्यापारिक संबंध नहीं, बल्कि एक गहरा सांस्कृतिक और आत्मीय रिश्ता बनाने की दिशा में बहुत आगे बढ़ चुका है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
UP Assembly Election 2027: प्रतापगढ़ में अपना दल (एस) की जनसभा के जरिए अनुप्रिया पटेल…
श्री केशव रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अशोक गोयल देवराहा ने कहा कि हर साल दशहरे…
अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (AIHER) वर्धा के 17वें दीक्षांत समारोह में महाराष्ट्र…
Women's Reservation Bill 2026: डॉ. शालिनी अली का तर्क है कि लोकसभा में महिलाओं को…
India Economic Growth: कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक पॉलिसी के अर्थशास्त्री क्यूंगहून किम के अनुसार…
Jio global expansion Akash Ambani US Germany: जियो के IPO से पहले आकाश अंबानी का…