PM Modi Cabinet Expansion
PM Modi Cabinet Expansion: केंद्र की मोदी सरकार इस समय बड़े संकट से गुजर रही है. नीट परीक्षा पेपर लीक, पेट्रोल में एथेनॉल, श्री राम मंदिर दान गबन सहित कई मामलों को लेकर मोदी सरकार बैकफुट पर है. विपक्ष लगातार इन मामलों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है. ऐसे में चर्चा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई केंद्रीय मंत्रियों पर गाज गिर सकती है. मोदी कैबिनेट में जल्द ही बड़ा फेरबदल होने वाला है.
मोदी सरकार ने इसका अप्रत्यक्ष रूप से ऐलान भी कर दिया है. केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जार्ज कूरियन को दोबारा राज्य सभा में नहीं भेजा गया है. इसकी वजह से वो अब आगे केंद्रीय मंत्री के पद पर नहीं रह पायेंगे. वहीं पंकज चौधरी को बीजेपी ने यूपी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है. ऐसे में अब उनकी भी मोदी कैबिनेट से विदाई तय है. अब यह आला कमान यह तय करेगा कि इन वैकेंट सीटों को कब भरा जाएगा. कई राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कुछ ही दिनों में मोदी कैबिनेट के कई मंत्रियों की छुट्टी होने वाली है. वहीं कई मंत्रियों के मंत्रालय बदले जा सकते हैं.
पीएम मोदी का यह तीसरा कार्यकाल है. उन्होंने अपने पहले दो कार्यकालों में 4 बार कैबिनेट विस्तार या फेरबदल किया था. इसमें उन्होंने कई प्रमुख मंत्रियों को बाहर कर दिया था. वहीं कुछ मंत्रियों का फेरबदल कर दिया गया था. आइये देखते हैं कुछ प्रमुख केंद्रीय मंत्रियों को मोदी सरकार से कैसे बाहर किया गया.
मोदी सरकार 1.0 में पहला कैबिनेट विस्तार 10 नवंबर 2014 को हुआ. इसमें कुल 21 मंत्रियों को शामिल किया गया था. इनमें से 4 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्य मंत्री और 3 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभाव बनाये गए थे.
पहले मंत्रिमंडल विस्तार में ही जेपी नड्डा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. इसके अलावा सुरेश प्रभु को भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था. इस दौरान ही बीजेपी और शिवसेना में खटास आई थी.
इस पहले ही कैबिनेट विस्तार में मोदी सरकार ने राजीव प्रताप रूडी और बंडारू दत्तात्रेय को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार का कार्यभार दिया.
वहीं मोदी सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में कई प्रमुख मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया. 5 जुलाई 2016 को हुए दूसरे कैबिनेट विस्तार में 5 मंत्रियों को मोदी कैबिनेट से बाहर कर दिया गया. इसमें निहालचंद, रामशंकर कठेरिया, सांवर लाल जाट, मुनुस्कभाई डी वासवा और एमके कुंदरिया शामिल थे. वहीं इस कैबिनेट विस्तार में प्रकाश जावड़ेकर सबसे ज्यादा फायदे में रहे. उन्हें प्रमोशन देकर कैबिनेट मंत्री बना दिया गया.
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मोदी सरकार ने हमेशा चुनावी मौसम को देखते हुए ही कैबिनेट में फेरबदल किया है. साल 2027 में यूपी में विधानसभा चुनाव है. उससे पहले ही अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कैबिनेट में बदलाव का ऐलान कर दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार कई युवा चेहरों को मौका मिल सकता है. साथ ही यहीं कहा जा रहा है कि इस मंत्रिमंडल विस्तार में यूपी को खासा तवज्जो दिया जा सकता है. यानी इस कैबिनेट विस्तार में यूपी का दबदबा देखने को मिल सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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