देश

Rare Earth Magnets के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 1,345 करोड़ रुपए की सब्सिडी योजना बना रही मोदी सरकार

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ((H.D. Kumaraswamy)) ने आज बताया कि मोदी सरकार (Modi government) ने देश में रेयर अर्थ मैग्नेट निर्माताओं के लिए 1,345 करोड़ रुपए की सब्सिडी (Subsidy) देने की योजना तैयार की है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “रेयर अर्थ मैग्नेट निर्माताओं के लिए 1,345 करोड़ रुपए की सब्सिडी की एक योजना तैयार की गई है. यह योजना वर्तमान में अंतर-मंत्रालयी परामर्श के अधीन है. अभी दो निर्माताओं को शामिल करने का प्रस्ताव है, हालांकि योजना तैयार होने तक इसमें बदलाव हो सकता है.”

भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव कामरान रिजवी ने कहा कि रेयर अर्थ ऑक्साइड से लेकर मैग्नेट तक की एंड-टू-एंड प्रोसेसिंग में लगे निर्माता इस सब्सिडी के पात्र होंगे. इस योजना में प्रस्तावित प्रोत्साहनों में निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्र की कंपनियों को शामिल किए जाने की उम्मीद है.

रिजवी ने कहा, “हमें मैग्नेट में रुचि है, जो कोई भी हमें मैग्नेट देगा, उसे प्रोत्साहन मिलेगा. यह (1,345 करोड़ रुपए की योजना) अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए हमारी ओर से भेजी गई पहली रूपरेखा है. यह प्रस्तावित है कि इसके दो निर्माता होंगे.”

घरेलू वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा और ऑटो कंपोनेंट निर्माता ऊनो मिंडा, दो ऐसी कंपनियां हैं जिन्होंने घरेलू मैग्नेट उत्पादन के लिए प्लांट स्थापित करने में रुचि व्यक्त की है.

जून में भारी उद्योग मंत्रालय के साथ एक बैठक के दौरान, महिंद्रा ने प्रस्ताव दिया कि कंपनी या तो किसी स्थापित निर्माता के साथ साझेदारी कर सकती है या किसी स्थानीय निर्माता के साथ लॉन्ग-टर्म सप्लाई एग्रीमेंट कर सकती है. यह कंपनी देश की अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं में से एक है.

ऊनो मिंडा मारुति सुजुकी जैसी ऑटो निर्माताओं को ऑटो कंपोनेंट की सप्लाई करती है.

चीन ने अमेरिकी टैरिफ वृद्धि के जवाब में रेयर अर्थ मैग्नेट के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिए हैं और व्यापार युद्ध में इस वस्तु का इस्तेमाल सौदेबाजी के लिए कर रहा है. इसका असर उन अन्य देशों पर भी पड़ा है, जो चीनी आयात (China Import) पर निर्भर हैं.

रेयर अर्थ मैग्नेट (Rare Earth Magnets) का इस्तेमाल अलग-अलग हाई-टेक एप्लीकेशन में किया जाता है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक सामान और इलेक्ट्रिक वाहन से लेकर बड़े पैमाने के औद्योगिक उपकरण शामिल हैं.

ये मैग्नेट इलेक्ट्रिक मोटरों, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों और विंड टर्बाइनों में, छोटे आकार में भी प्रबल चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने की अपनी क्षमता के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. इनका उपयोग कंप्यूटर हार्ड ड्राइव, लाउडस्पीकर, हेडफ़ोन और एमआरआई स्कैनर जैसे मेडिकल डिवाइस में भी किया जाता है.

-भारत एक्सप्रेस

आईएएनएस

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