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मोदी सरकार के 12 साल में पेंशन सेवाओं में बड़ा बदलाव, घर बैठे जमा हो रहा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट

Pensioners digital life certificate scheme: पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने पेंशनभोगियों के जीवन को आसान बनाने और पेंशन से जुड़ी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. डिजिटल इंडिया और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के विजन के तहत पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने तकनीक, जनसहभागिता और व्यापक जागरूकता अभियानों का उपयोग करते हुए देश भर के पेंशनर्स तक सेवाएं पहुंचाने का काम किया है. शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी साझा की गई है.

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ‘जीवन प्रमाण’

बयान में कहा गया है कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा करने की प्रक्रिया का डिजिटलीकरण रहा है. वर्ष 2014 में आधार-आधारित डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ‘जीवन प्रमाण’ की शुरुआत की गई थी, जबकि 2021 में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को जोड़ा गया. इसके बाद पेंशनभोगी अब अपने स्मार्टफोन की मदद से कहीं भी और कभी भी जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं.

इस सुविधा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए विभाग ने वर्ष 2022 से अब तक चार राष्ट्रीय डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) अभियान चलाए हैं. नवंबर 2025 में आयोजित डीएलसी अभियान 4.0 के दौरान 1.91 करोड़ से अधिक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा किए गए, जिनमें 57 लाख से ज्यादा केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों के थे. यह डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रभावी शासन का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है.

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन

सरकार ने भागीदारी आधारित प्रशासन को मजबूत करने के लिए देशभर में 57 पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशनों (पीडब्ल्यूए) का सक्रिय नेटवर्क विकसित किया है. ये संस्थाएं विभाग के विस्तार के रूप में काम करते हुए पेंशनभोगियों को विभिन्न सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराती हैं, शिकायतों के समाधान में मदद करती हैं और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियानों को सफल बनाने में सहयोग करती हैं.

बयान के अनुसार, पेंशन वितरण प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए डीओपीपीडब्ल्यू ने बैंकर्स अवेयरनेस प्रोग्राम (बीएपी) की शुरुआत की है. अब तक प्रमुख पेंशन वितरण बैंकों के सहयोग से 13 ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनका उद्देश्य बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को पेंशन नियमों, प्रक्रियाओं और नई डिजिटल सेवाओं की जानकारी देना है, ताकि पेंशनभोगियों को बेहतर और तेज सेवाएं मिल सकें. इससे बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में भी सुधार हुआ है.

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सरकार पेंशनर्स अवेयरनेस प्रोग्राम कर रही आयोजित

सरकार देश भर में पेंशनर्स अवेयरनेस प्रोग्राम (पीएपी) भी आयोजित कर रही है. इन कार्यक्रमों के जरिए पेंशनभोगियों को पेंशन नियमों, डिजिटल सेवाओं, शिकायत निवारण व्यवस्था और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है. बयान में आगे कहा गया है कि ये कार्यक्रम पेंशनर्स और संबंधित विभागों के बीच सीधे संवाद का मंच भी प्रदान करते हैं, जिससे पेंशनभोगी सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक आत्मविश्वास के साथ उठा सकें.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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