देश

Sanskar Bharti के केंद्रीय कार्यालय में मासिक कला संगोष्ठी का आयोजन, संगोष्ठी में कला, ध्यान और चेतना का अद्भुत संगम

संस्कार भारती (Sanskar Bharti) के केंद्रीय कार्यालय ‘कला संकुल’ में आयोजित मासिक कला संगोष्ठी में इस बार ‘अंतर्यात्रा : कल्पना, कला और ध्यान’ विषय पर एक प्रेरणादायी संवाद हुआ. कार्यक्रम की मुख्य वक्ता रहीं वैशाली गाहल्याण, जो मिरांडा हाउस, दिल्ली विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र की सहायक प्राध्यापक हैं एवं भारतीय चिंतन पर गहन शोध कर रही हैं.

सुश्री गाहल्याण ने क्या कहा ?

सुश्री गाहल्याण ने कला को आत्मचिंतन की एक अंतःयात्रा बताते हुए कहा कि,

“भारतीय कला केवल दृश्य रचनात्मकता नहीं, बल्कि चेतना का विस्तार है. कल्पना, ध्यान और साधना के माध्यम से कलाकार स्वयं को जानता है और फिर अपने अनुभवों को समाज के सामने अभिव्यक्त करता है. उन्होंने भारतीय दर्शन की दृष्टि से कला को आत्मा और ब्रह्म की खोज से जोड़ते हुए कहा कि कला किसी भी रचनात्मक व्यक्ति के लिए साधना का माध्यम बन जाती है.”

कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वैशाली गाहल्याण एवं संगोष्टी संयोजिका श्रुति सिन्हा, सह संयोजक श्री विश्वदीप,दिल्ली प्रान्त मंचीय कला संयोजक श्री राज उपाध्याय सहित कार्यक्रम संयोजक श्री श्याम कुमार जी ने दीप प्रज्वलन कर किया.

हरियाली तीज से परिचय

सावन की रिमझिम को स्वर देती एक भावपूर्ण कजरी प्रस्तुति जिसे स्नेहा मुखर्जी के नेतृव में लावण्या सिन्हा,मान्या नारंग रूही ने प्रस्तुत किया, सिंथेसाइज़र पर श्री अमित श्रीधर एवं तबला पर श्री तुसार गोयल ने अच्छी भूमिका निभाई इस सांगीतिक प्रस्तुति ने श्रोताओं को उत्तर भारत की लोकध्वनियों से जोड़ते हुए हरियाली तीज से परिचित कराया.

कथक नृत्य प्रस्तुति

इसके उपरांत नीलाक्षी खंडकर सक्सेना द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसमें उन्होंने शास्त्रीय लय, भाव और गति के माध्यम से नारी चेतना एवं भारतीय नृत्य परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति की.

संस्कार भारती के पदाधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध कथक गुरु श्री राजेन्द्र गंगानी, पंडित चेतन जोशी,एनएसडी के कुल सचिव श्री प्रदीप मोहंती सहित दिल्ली के कला, संस्कृति एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अनेक विद्वान, कलाकार, शोधकर्ता एवं संस्कार भारती के पदाधिकारी उपस्थित रहे.

इसे भी पढ़े- मां चंडी देवी मंदिर प्रबंधन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को जारी किया नोटिस, रिसीवर नियुक्ति पर रोक की याचिका

मासिक संगोष्ठियां एक जीवंत मंच

संस्कार भारती की मासिक संगोष्ठियां निरंतर भारतीय कला, संस्कृति और चिंतन को समकालीन संदर्भों में प्रस्तुत करने का एक जीवंत मंच बन चुकी हैं, जहां कला केवल प्रदर्शन नहीं, संवाद और साधना बनकर प्रकट होती है.

कार्यक्रम का सफल संचालन

कार्यक्रम को सफल संचालन श्री कुलदीप शर्मा जी ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में तबला वादक श्री प्रदीप पाठक, श्रबोनि सहा,गरिमा रानी,हर्षित गोयल,शौरभ,ब्रजेश,शिवम,विजेंदरमृत्युंजय,सुशांक,साक्षी शर्मा,प्रियंका,एवं कला संकुल के व्यवस्थापक श्री दिग्विजय जी का योगदान सराहनीय रहा.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

PM Fincap Fraud Case: आरोपी संतोष महालिंगम के लिए सुप्रीम कोर्ट की कड़ी शर्त, भारत लौटने से पहले जमा करने होंगे 70 करोड़ रुपये

सुप्रीम कोर्ट ने पीएम फिनकैप लिमिटेड से जुड़े कथित धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में विदेश…

4 minutes ago

स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से नियमित जमानत, जानें अदालत ने लगाईं कौन-कौन सी शर्तें

Swatantra Bhardwaj Bail: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर प्रदर्शन से…

40 minutes ago

यूपी राज्यसभा के लिए बीजेपी के आठों उम्मीदवारों ने दाखिल किया पर्चा, सीएम योगी रहे मौजूद

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर आज नामांकन का आखिरी दिन…

43 minutes ago

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर स्वपन बोस का निधन, 33 साल के करियर का अंत; एजेंसी में शोक की लहर

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के ज्वाइंट डायरेक्टर स्वपन बोस का लंबी बीमारी के बाद 6 अक्टूबर…

1 hour ago