देश

क्या है वीर भारत न्यास, जिस पर जीतू पटवारी और दिग्विजय में ठनी? CM के सलाहकार ने भू-माफियाओं पर जताया शक

अजय भटनागर, भारत एक्सप्रेस


मध्य प्रदेश की राजनीति में इस समय ‘वीर भारत न्यास’ को लेकर एक नया सियासी घमासान छिड़ गया है. भारत एक्सप्रेस की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर आरोप लगाया था कि उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन महज 1 रुपये में वीर भारत न्यास को दे दी गई. लेकिन इस मामले में नया मोड़ तब आया जब कांग्रेस के ही दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी के अध्यक्ष के आरोप को गलत बता दिया. दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद जहां एक तरफ कांग्रेस के अंदर की कलह खुलकर सामने आ गई है, वहीं दूसरी तरफ इस पूरी बहस का केंद्र बिंदु अब “वीर भारत न्यास” बन गया है.

क्या है वीर भारत न्यास और कौन है इसका बॉस?

इस पूरे विवाद के बीच लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर वीर भारत न्यास क्या है. दरअसल, यह न्यास मध्य प्रदेश संस्कृति मंत्रालय के अधीन काम करने वाला एक पूरी तरह से सरकारी निकाय है. इसका गठन साल 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में हुआ था. इस न्यास के नियमों के मुताबिक, प्रदेश के मुख्यमंत्री ही इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं, जबकि संस्कृति मंत्री इसके कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका निभाते हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पहले शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ भी इस न्यास के अध्यक्ष रह चुके हैं. हालांकि, पहले यह न्यास ज्यादा सक्रिय नहीं था, लेकिन डॉ. मोहन यादव की सरकार आने के बाद से यह सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है.

राज्‍य सरकार और कांग्रेस नेता दिग्विजय ने दी सफाई

जब जीतू पटवारी ने न्यास के कर्ताधर्ता सदस्य और मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी पर निशाना साधा, तो सरकार ने तुरंत इस पर स्थिति साफ की. सरकार की तरफ से कहा गया कि वीर भारत न्यास कोई निजी संस्था नहीं बल्कि एक सरकारी बॉडी है. सरकार ने अपनी ही जमीन अपने ही एक दूसरे सरकारी विभाग को ट्रांसफर की है, इसलिए इसमें किसी घोटाले का सवाल ही नहीं उठता. बाद में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी सरकार के इस तर्क का समर्थन किया और जीतू पटवारी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया.

सीएम के सलाहकार ने भू-माफियाओं पर जताया शक

इस पूरे मामले पर भारत एक्सप्रेस के संवाददाता अजय भटनागर ने मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार और न्यास के प्रमुख सदस्य श्रीराम तिवारी से खास बातचीत की. श्रीराम तिवारी ने कहा कि राजनीति को देश के गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने वाले ऐसे पवित्र कार्यों से दूर रखना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि सिर्फ इसी ट्रस्ट को निशाना क्यों बनाया जा रहा है, जबकि सरकारें लोकहित में निजी उद्योगों को भी जमीन और अनुदान देती हैं. तिवारी ने आशंका जताई कि इस पूरे विवाद को हवा देने के पीछे उन भू-माफियाओं का हाथ हो सकता है, जिनकी नजर इस कीमती जमीन पर थी. उन्होंने साफ किया कि न्यास के सभी काम और दस्तावेज पूरी तरह से सार्वजनिक हैं और इसमें कोई भी गड़बड़ी नहीं है.

यह भी पढ़िए: ‘हम दो, हमारे दो’ का झंझट नहीं! अब बच्चा पैदा करना नहीं होगी अनुशासनहीनता, मध्य प्रदेश में ‘टू चाइल्ड’ नियम खत्म

Bharat Express Desk

Recent Posts

प्रेस की आजादी का आर्थिक मॉडल, रामनाथ गोयनका ने बिना विज्ञापन झुकाए कैसे बचाई मीडिया की साख?

रामनाथ गोयनका भारतीय पत्रकारिता के उन चुनिंदा नामों में हैं, जिन्होंने प्रेस की आजादी को…

2 minutes ago

बिहार MLC चुनाव: नीरज कुमार के नामांकन पर एनडीए का भरोसा, उपेंद्र कुशवाहा ने कहा- जीत हमारी होगी

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार नीरज कुमार ने अपना नामांकन…

15 minutes ago

मणिपुर यौन हिंसा मामला में सुप्रीम कोर्ट ने दिए ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश

मणिपुर यौन हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और CBI को पीड़ित गवाहों…

42 minutes ago

जब ‘शेषन’ से कांपते थे नेता… लिंगदोह की तकरार और अब ज्ञानेश कुमार के दौर की चुनौतियां, जानिए कैसे बदला चुनाव आयोग?

भारत के लोकतंत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त का पद हमेशा से विशेष महत्व रखता रहा…

48 minutes ago

पीएम मोदी पर टिप्पणी मामले में पवन खेड़ा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने टाली सुनवाई

PM मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की एफआईआर रद्द करने…

1 hour ago

पत्नी से नाराज पति ने मायके के बाहर 3 स्कूटियों में लगाई आग, CCTV वीडियो हुआ वायरल

Prayagraj Scooter Fire: प्रयागराज में पत्नी से विवाद के बाद एक युवक ने कथित तौर…

1 hour ago