चेन्नई, 1 अगस्त 2026 – मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) ने अपनी राष्ट्रीय सेवा, सामाजिक सद्भाव और सामुदायिक जुड़ाव की 24 वर्षों की यात्रा को चेन्नई के एग्मोर स्थित रेडिसन ब्लू होटल में एक भव्य समारोह के साथ मनाया। “एक क़ौम, एक वतन – हिंदुस्तान” के प्रेरणादायक विषय के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे दक्षिण भारत से आए प्रमुख नेताओं, विद्वानों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, युवा प्रतिनिधियों और प्रतिनिधिमंडलों को एक मंच पर ला खड़ा किया, ताकि राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और एक विकसित एवं समृद्ध भारत के साझा सपने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई जा सके।
सन् 2002 में डॉ. इंद्रेश कुमार (मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक) के मार्गदर्शन में स्थापित होने के बाद से यह संगठन एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच के रूप में उभरा है, जो सामाजिक सद्भाव को मज़बूत करने, रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने और नागरिकों की राष्ट्र-निर्माण में भागीदारी बढ़ाने के लिए समर्पित है। इस संगठन की औपचारिक स्थापना 24 दिसंबर 2002 को पत्रकार मुज़फ़्फ़र हुसैन के आवास पर गुजरात दंगों के कुछ ही समय बाद हुई थी, जिसका मक़सद समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देना और विश्वास के पुल बनाना था।
बीते 24 वर्षों में MRM ने राष्ट्रीय एकीकरण को मज़बूत करने, अंतर-धार्मिक समझ बढ़ाने, भारत की साझा संस्कृति को संरक्षित करने और देश की प्रगति में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर काम किया है। संगठन की गतिविधियां तीन बुनियादी सिद्धांतों – तालीम (शिक्षा), तरक़्क़ी (प्रगति और उत्थान), और तहज़ीब (सदाचार, मूल्य और सभ्यता) – से संचालित होती हैं, जो एक सशक्त और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण की नींव हैं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. इंद्रेश कुमार (मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक एवं RSS राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य) उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. डॉ. शाहिद अख्त़र (राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग, भारत सरकार के कार्यवाहक अध्यक्ष), श्री विजय शंकर मिश्र (हिमालय परिवार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), श्री मिथिलेश कुमार कठेरिया (राज्य सभा सांसद), डॉ. माजिद अहमद तालिकोटी (प्रसिद्ध कैंसर सर्जन एवं MRM के राष्ट्रीय समन्वयक), श्री इलियास अहमद (MRM के राष्ट्रीय समन्वयक एवं दक्षिण भारत प्रभारी), तथा श्री अहमद मलिक वदायर (कार्यक्रम समन्वयक) शामिल थे।
इस समारोह में श्री अहमद मलिक वदायर को तमिलनाडु का मुख्य समन्वयक एवं प्रभारी नियुक्त किया गया, जो पूरे राज्य में संगठन की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों का एक नया अध्याय है।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने ज़ोर दिया कि भारत ने हज़ारों वर्षों से दुनिया को दिखाया है कि एकता, सद्भाव और सह-अस्तित्व सभ्यता की सर्वोच्च अभिव्यक्तियां हैं। उन्होंने कहा – “एक क़ौम, एक वतन – हिंदुस्तान” का दर्शन इस शाश्वत सत्य को दर्शाता है। धर्म, भाषा, क्षेत्र या सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना, हम सभी एक भारतीय होने की साझा पहचान और अपने राष्ट्र की प्रगति के लिए साझा प्रतिबद्धता से जुड़े हैं।” उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत का सपना केवल आर्थिक प्रगति से पूरा नहीं हो सकता; उसे सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक गर्व, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की नींव पर भी खड़ा होना होगा।
प्रो. डॉ. शाहिद अख्त़र ने अपने भाषण में इस बात पर बल दिया कि ‘एक क़ौम, एक वतन – हिंदुस्तान’ का विचार संविधान की भावना और उन सभ्यतागत मूल्यों में गहराई से निहित है जिन्होंने सदियों से भारत को दिशा दी है। उन्होंने कहा – “हमारी आस्थाओं, भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों की विविधता विभाजन का कारण नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक ताक़त की आधारशिला है। भारत ने हमेशा दिखाया है कि एकता और विविधता एक साथ पनप सकते हैं।” डॉ. अख्त़र, जो वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रबंधन में पीएचडी हैं तथा झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और एनसीपीयूएल के उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रह चुके हैं, ने राष्ट्र-निर्माण में शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि NCMEI ने तमिलनाडु में 1,170 संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिया है, जिनमें से लगभग 900 ईसाई समुदाय के और करीब 200 मुस्लिम समुदाय के हैं।
डॉ. माजिद अहमद तालिकोटी, कर्नाटक के प्रसिद्ध कैंसर सर्जन और MRM के राष्ट्रीय समन्वयक, ने उस साझा मानवता के बारे में भावुकतापूर्वक बात की जो सभी भारतीयों को बांधती है। उन्होंने कहा – “हम सब एक जैसे दिखते हैं। हम सब इंसान हैं। हम तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पुदुच्चेरी या तेलंगाना में हो सकते हैं – लेकिन हम सब भारतीय हैं। हमारी भक्ति, हमारा विश्वास, हमारा प्यार केवल मां भारती के लिए है। एक रहेंगे तो बढ़ेंगे, बंटेंगे तो मिटेंगे।”
श्री मिथिलेश कुमार कठेरिया, राज्य सभा सांसद, ने समुदाय से विभाजनकारी कथाओं को नकारने और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” की भावना को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान पूरा देश धर्म-निरपेक्ष होकर एकजुट हुआ और वैक्सीन तथा दवाइयां हर नागरिक तक समान रूप से पहुंचीं।
इस जनसभा का समापन तमिलनाडु और पूरे दक्षिण भारत में MRM की उपस्थिति बढ़ाने तथा शिक्षा, समुदाय-कल्याण, रचनात्मक संवाद और राष्ट्रीय एकता पर अपने फ़ोकस को जारी रखने की नई प्रतिबद्धता के साथ हुआ। वक्ताओं ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और अन्य सरकारी योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न कल्याणकारी पहलों के बारे में जागरूकता बढ़ाने तथा समुदाय के सदस्यों को इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
नव-नियुक्त तमिलनाडु मुख्य समन्वयक श्री अहमद मलिक वदायर ने अपने भावुक संबोधन में 15 साल की उम्र में अनाथ होने से लेकर एक सफ़ल उद्यमी बनने तक की अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा की और युवाओं से बड़े सपने देखने और कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा – “हर युवा जीत सकता है। हम विजेता बन सकते हैं। अब्दुल कलाम जी ने कहा था कि पहले सपना देखो, फिर योजना बनाओ और उसे हासिल करो। मैं यहां पैसा बनाने नहीं, बल्कि अपने देश और अपने समुदाय के लिए काम करने आया हूं।”
इस कार्यक्रम में बिशप माइकल पीटर ने भी भाग लिया, जिन्होंने 24 वर्षों तक इंजील और चर्च पास्टोरल मंत्रालय में सेवा की है और 34 से अधिक देशों की यात्रा की है। उन्होंने एकता, सद्भाव और शांति के महत्व पर बात की और इस बात पर ज़ोर दिया कि “विविधता हमारी ताक़त होनी चाहिए, कमज़ोरी नहीं।”
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एक सामूहिक प्रतिज्ञा ली – कि वे अपने इलाक़े के कम-से-कम एक ग़रीब परिवार के बच्चे को शिक्षित करेंगे, दो युवा छात्रों को करियर मार्गदर्शन देंगे, हर तीन महीने में एक अंतर-धार्मिक सेवा गतिविधि आयोजित करेंगे, और हर तरह की अतिवाद, अलगाववाद और नफ़रत को अस्वीकार करेंगे। इस अवसर पर एक संदेश गूंज उठा – “ना सिर्फ़ मुसलमान, ना सिर्फ़ हिंदू, हम सब हिंदुस्तानी हैं।” जय हिंद, जय भारत, एक क़ौम, एक वतन – हिंदुस्तान।
—- भारत एक्सप्रेस
AIIA 10th foundation day Kaumaracon 2026: AIIA नई दिल्ली का 10वां स्थापना दिवस. राष्ट्रीय आयुर्वेद…
कोलकाता पूजा पंडाल हादसे पर पीएम मोदी और अमित शाह ने जताया दुख. PMNRF से…
AIIA foundation day decade achievements 37 lakh patients: अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के 10…
मोरबी की राजमाता विजयकुंवरबा के निधन पर पीएम मोदी ने गहरा दुख जताया. कहा- उनका…
ग्रेटर नोएडा में एनसीबी ने दो गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़ कर 45 करोड़ की…
Kolkata Durga Puja pandal stampede Chorbagan: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल का हिस्सा ढहने…