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आंध्र प्रदेश के मंत्री लोकेश ने पीएम मोदी से की मुलाकात, अमरावती बिल पास होने पर जताया आभार

आंध्र प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और टीडीपी के महासचिव नारा लोकेश ने एनडीए सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. उन्होंने संसद में अमरावती विधेयक पास होने पर प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया. इस बिल के जरिए अमरावती को राज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी के तौर पर वैधानिक मान्यता दी गई है.

आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने प्रधानमंत्री मोदी को एक शॉल भेंट की और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद लोकेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी. मैंने संसद में अमरावती बिल पास होने पर आंध्र प्रदेश के करोड़ों लोगों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया.”

उन्होंने आगे लिखा, “मैंने अपने किसानों की असाधारण कहानी भी शेयर की, जिन्होंने अमरावती के सपने को जिंदा रखने के लिए त्याग किए, अपनी जमीनें एक साथ मिलाईं और सालों की अनिश्चितता के बावजूद मजबूती से डटे रहे. मैंने अमरावती को वास्तव में विश्व-स्तरीय राजधानी बनाकर उनके त्याग का सम्मान करने के लिए उनका निरंतर मार्गदर्शन मांगा.”

नारा लोकेश ने NDA सांसदों के साथ ओम बिरला से की मुलाकात

बाद में, लोकेश ने राज्य के एनडीए सांसदों के साथ मिलकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की और विधेयक पास कराने में सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. लोकेश के साथ नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी व टीडीपी, जन सेना और भाजपा के सांसद भी मौजूद थे.

लोकेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आज सुबह हमारे एनडीए सांसदों से मिलकर बहुत खुशी हुई, जिन्होंने अमरावती बिल के संसद के दोनों सदनों से गुजरने के दौरान राज्य और हमारे किसानों के लिए मजबूती से आवाज उठाई.”

आंध्र प्रदेश के एनडीए सांसदों ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से भी मुलाकात की. नारा लोकेश समेत टीडीपी के सभी सांसद इस दौरान मौजूद थे.

निवेश और विकास को मिलेगा बल

बता दें कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 बुधवार को लोकसभा की ओर से पारित कर दिया गया और गुरुवार को इसके राज्यसभा की ओर से भी पारित होने की संभावना है. नया विधेयक अमरावती को एकमात्र राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता प्रदान करके एक लंबे समय से चली आ रही संरचनात्मक अनिश्चितता को दूर करता है, जिसने शासन, निवेश और विकास को प्रभावित किया है.

ये भी पढ़ें: ‘अधिकार छोड़ो, कर्तव्य चुनो’, कर्मयोगी साधना सप्ताह में पीएम मोदी ने बताई भविष्य की दिशा

-भारत एक्सप्रेस

आईएएनएस

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