माफिया अतीक और उसका भाई, (फाइल फोटो-PTI)
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में बीते शनिवार को माफिया अतीक अहमद (Atiq Ahmed Shot Dead) और उसके भाई अशरफ (Ashraf Ahmed) की पुलिस कस्टडी (Police Custody) में गोली मार कर हत्या कर दी गई. हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है जब पुलिस की मौजूदगी में किसी की हत्या हुई हो. इससे पहले भी पुलिस (Police) के सामने कई हत्याएं हो चुकी हैं. पहले भी पुलिस कस्टडी में हत्या को लेकर सवाल उठ चुके हैं और कई बार विपक्ष ने योगी सरकार (Yogi Adityanath) को घेरा भी है. यूपी में पुलिस कस्टडी में हत्याओं एक पूरा इतिहास है.
आंकड़े पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश (UP) में साल 2017 से लेकर साल 2022 तक पुलिस कस्टडी में 41 लोगों की हत्या हो चुकी है. लोकसभा में गृह मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, साल 2017 में 10 लोगों की मौत हुई, साल 2018 में 12 लोगों की पुलिस कस्टडी के दौरान मौत हुई, साल 2019 में 3, 2020 में 8 और 2021 में 8 लोगों की पुलिस कस्टडी में मौत हुई है.
NCRB की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में पिछले 20 सालों में 1888 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हुई है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन मामलों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ 893 केस दर्ज किए गए और 358 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर हुई. हालांकि सिर्फ 26 पुलिसकर्मियों को सजा दी गई.
-भारत एक्सप्रेस
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