देश

Karpoori Thakur Jayanti: भारत रत्न मिलने पर कर्पूरी ठाकुर के पोते-पोती ने की PM मोदी की सराहना, बोले- ‘हमें बहुत गर्व हो रहा है’

Karpoori Thakur Jayanti: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती के मौके पर मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किए जाने पर उनके पोती-पोते के बयान आए हैं. एक ओर बुधवार को जहां राज्य में जगह-जगह भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है तो उनके परिवार में भारत रत्न को लेकर खुशी दिखाई दे रही है. वहीं, इस मौके पर पहली बार पूर्व सीएम के पोते और पोती मीडिया के सामने आए और भारत रत्न दिए जाने को लेकर पीएम मोदी की सराहना की.

 

मालूम हो कि आज पूरे बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री और जननायक कहे जाने वाले कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाई जा रही है. कहीं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है तो कहीं रैली निकाली जा रही है. जयंती को लेकर तमाम राजनीतिक दलों की ओर से बिहार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. मीडिया सूत्रों के मुताबिक, जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से अलंकृत किए जाने की मांग 1988 में उनके निधन के बाद से ही की जा रही थी. फिलहाल बिहार की ये मांग केंद्र सरकार ने पूरी कर दी है. इसी के साथ ही कर्पूरी ठाकुर को मानने वालों में हर्ष की लहर दौड़ गई है. कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर पहली बार उनके पोता और पोती मीडिया के सामने आए और अपने मन की बात शेयर की.

ये भी पढ़ें- कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती पर PM मोदी ने लिखा ब्लॉग, बताया उनसे जुड़ा यादगार किस्सा

अच्छा हो रहा है महसूस

कर्पूरी ठाकुर के पोते और पोती बोले कि हम केंद्र सरकार के फैसले से बहुत खुश हैं. पोते डॉ अभिनव विकास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, 100वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर अच्छा महसूस हो रहा है. इसी के साथ उन्होंने कहा कि, ‘मैं 13 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक अभिनंदन करता हूं. मैं पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ तमाम पार्टियों को धन्यवाद देना चाहता हूं.’ मालूम हो कि, अभिनव पेशे से डॉक्टर हैं और हृदय रोग विशेषज्ञ हैं.

उनको नहीं देखा

वहीं, कर्पूरी ठाकुर की पोती डॉक्टर जागृति ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, कार्यक्रम में शामिल होकर अच्छा लग रहा है, बहुत गौरवान्वित महसूस हो रहा है. इसी के साथ ये भी कहा कि, ‘मैनें कभी उन्हें (कर्पूरी ठाकुर) देखा नहीं है, लेकिन अपने पिता से उनकी लाखों कहानियां सुनी हैं.’ जागृति ने आगे कहा कि, उनके दादा गरीब दुखिया के जननायक थे.

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

Recent Posts

संघ की ‘असंतुलित’ टिप्पणी से सत्ता, संगठन और सामाजिक संतुलन की परीक्षा

RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने यूजीसी के समानता विनियम-2026 को असंतुलित बताया. संघ…

4 hours ago

चंडीगढ़ से अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला: NDIA ब्लॉक की रैली को बताया सिखों का अपमान

चंडीगढ़ में अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए 1984 सिख…

5 hours ago

चौरी-चौरा के बहाने नेहरू पर सीएम योगी का हमला; बोले- 172 क्रांतिकारियों की पैरवी नहीं की, मालवीय ने 151 को फांसी से बचाया

चौरी-चौरा में 288 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री…

5 hours ago

AIIA-iCAINE के 6 साल पूरे: आयुर्वेद और AI को जोड़ने की बड़ी पहल, IIT बॉम्बे के साथ राष्ट्रीय चैलेंज लॉन्च

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के इनक्यूबेशन सेंटर AIIA-iCAINE ने अपने छठे स्थापना दिवस पर…

5 hours ago

डिग्री से मार्कशीट तक, हर जगह सिर्फ Bharat; महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय में India शब्द खत्म, दस्तावेजों में दिखेगा भारत

महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय ने कई बड़े फैसले लिए हैं. अब विश्वविद्यालय की डिग्री…

6 hours ago