RBI ने रेपो रेट 50 बेसिस पॉइंट बढ़ाया
पिछले दो वर्ष में देश में डिजिटल पेमेंट काफी तेजी से बढ़ा है. हालांकि इसके साथ ही ठगी की घटनाएं भी बढ़ गई हैं. कई मामलों में ग्राहकों के क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारियां लीक हो गई हैं, लेकिन अब RBI की पहल पर देश में 1 अक्टूबर से ‘टोकनाइजेशन’ की सुविधा शुरू होने जा वाली है.
देश में जिस तेजी में डिजिटल पेमेंट की सुविधा बढ़ी है, उसी तेजी से लेन-देन में धोखाधड़ी की घटनाएं भी तेज हुई हैं. ऐसे में धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) क्रेडिट-डेबिट कार्ड को टोकनाइज करने की सुविधा ला रहा है. इसके तहत 1 अक्टूबर से कार्ड नेटवर्क और कार्ड जारी करने वाली कंपनी को छोड़कर कोई भी कार्ड डाटा जैसे कि कार्ड नंबर, कार्ड की एक्सपायरी डेट आदि को स्टोर नहीं कर पाएगा. आमतौर पर अभी होता है कि आप किसी ई-कामर्स से आनलाइन खरीदारी करते हैं, वहां पर कार्ड को सेव करने का विकल्प रहता है.
किसी प्लेटफार्म पर डेबिट या फिर क्रेडिट कार्ड की डिटेल को सेव करना किसी खतरे से कम नहीं होता है. मगर अब RBI द्वारा टोकनाइजेशन सिस्टम पेश किए जाने के बाद कार्डधाकरों को प्रत्येक ट्रांजैक्शन के बाद कार्ड की डिटेल नहीं भरनी पड़ेगी. RBI ने ग्राहकों को एक सुरक्षित तरीका सुझाया है, जिसमें ट्रांजैक्शन के समय एक टोकन जेनरेट होगा. इस टोकन के जरिए निजी जानकारी को साझा किए बिना पेमेंट हो सकता है. बता दें कि कार्ड टोकनाइजेशन पर मर्चेंट आपके कार्ड की डिटेल्स को सेव नहीं कर पाएंगे. पेमेंट प्रोसेस के दौरान अब मर्चेंट को केवल आपका टोकन शेयर होगा, जिससे लेन-देन में होने वाले फ्राड पर लगाम लगाने की तैयारी की जा रही है.
टोकनाइजेशन का विकल्प चुनने के लिए कार्डधारक को मर्चेंट वेबसाइट या एप पर 1 बार रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्टर करने के लिए कार्डधारक को अपने कार्ड का विवरण भरना होगा और सहमति देनी है. इसके बाद यह बताना होगा कि क्रेडिट-डेबिट कार्ड में से किस कार्ड से आपको पेमेंट करना है. इसके बाद सेव कार्ड पर RBI गाइडलाइन पर क्लिक करके आपको टोकन के लिए अप्रूवल लेना है. इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज करना है. आपका टोकन बन जाएगा. इस टोकन को पेमेंट के लिए उपयोग कर सकते हैं. एक बार जब आप टोकन रिक्वेस्टर पर अनुरोध कर देते हैं, तो फिर मर्चेंट सीधे उस बैंक को रिक्वेस्ट भेज देगा, जिसने क्रेडिट कार्ड/वीजा/मास्टरकार्ड/रूपे जारी किया है.
सबसे पहले अपने पसंदीदा ई-कामर्स वेबसाइट या एप पर जाकर चीजों या सर्विस को खरीदने के लिए पेमेंट करना होगा
जब आप चेकआउट करते हैं, तो अपना पसंदीदा कार्ड पेमेंट आप्शन चुनें और सीवीवी डिटेल डालें.
इसके बाद सिक्योर योर कार्ड या सेव कार्ड एज पर आरबीआइ गाइडलाइंस पर क्लिक करें.
सेव पर टैप करें और ओटीपी दर्ज करें.
इसके बाद आपका क्रेडिट या डेबिट कार्ड टोकनाइज हो जाएगा.
बता दें कि आरबीआई( RBI) इस टोकन व्यवस्था को अभी केवल घरेलू लेन-देन के लिए शुरू कर रहा है. इसके जरिए आप आसानी से ई-कामर्स वेबसाइट पर केवल कुछ ही सेकंड में पेमेंट कर सकते है.
-भारत एक्सप्रेस
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