Parliament Winter Session: साल 2025 का अखिरी संसद सत्र यानी शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है. सरकार के साथ विपक्ष ने भी पूरी कमर कस ली है. विपक्ष जहां सरकार को घेरने की कोशिश में लगा है वहीं सरकार अपने कुछ खाल बिलों को पास कराने की जुगत में लगी हुई है. कुल मिलाकर सभी दल अपने-अपने विषयों को लेकर सदन के मैदान में पहुंच रहे हैं. वहीं जिन दलों के पास लोकसभा में एक भी सदस्य नहीं है वो भी बाहर से माहौल बनाने की कोशिश में लगे हैं. इसमें से एक है उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावति जिन्होंने X पोस्ट कर अपनी पार्टी का पक्ष रखा है.
वर्तमान यानी 18वीं लोकसभा (2024 चुनावों के बाद) में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के 0 सांसद हैं. 2024 के लोकसभा चुनावों में बीएसपी को उत्तर प्रदेश सहित कहीं भी कोई सीट नहीं मिली, जबकि पहले उनके पास 10 सांसद थे. वहीं पार्टी के पास दिल्ली में नुमाइंदगी करने के लिए राज्यसभा में महज एक सांसद है जिनका नाम रामजी गौतम है और इनका कार्यकाल अगले साल नवंबर तक है.
आज से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में हर सत्र की तरह इस बार भी काफी हंगामेदार होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. इस बीच बसपा प्रमुख मायावती ने संसद सत्र को लेकर सोमवार को एक X पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने बताया है कि संसद का सत्र कैसा होना चाहिए और किन विषयों को प्रमुखता से रखा जाना जरूरी है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा-
हमारी पार्टी चाहती है कि संसद के दोनों सत्र सुव्यवस्थित व शान्तिपूर्ण तरीक़े से संचालित हों, ताकि देश व जनहित के ज़रूरी और अहम मुद्दों में भी ख़ासकर राजधानी दिल्ली आदि में वायु प्रदूषण के कारण आ रही भारी परेशानी तथा वोटर लिस्ट के सघन रिवीज़न अर्थात् एस.आई.आर. को लेकर व्यावहारिक तौर पर हो रही परेशानियों एवं आपत्तियों व इस कार्य के मुख्य कर्ताधर्ता बीएलओ की दिक्कतों तथा उनके द्वारा की जा रही ख़ुदकुशी आदि की दुखद घटनाओं पर सही से चर्चा हो सके और इनका उचित समाधान निकलने की दिशा में सार्थक प्रयास हो सके.
इतना ही नहीं अपने पोस्ट में मायावती ने आगे कहा कि केवल आरोप-प्रत्यारोप लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यापक देश व जनहित साधने हेतु संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिये सत्ता और विपक्ष दोनों को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर पूरी तरह से संवेदनशील एवं गंभीर होने की ज़रूरत है. उन्होंने सभी दलों खासकर विपक्ष से यही आग्रह किया है.
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संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलना है. इसमें कुल 15 बैठकों का आयोजन किया जाएगा. माना जा रहा है इसमें सरकार कुल 10 बिल पेश कर सकती है और उसे पास भी करा सकती है. हालांकि, राज्यसभा में देरी के कारण कुछ बिल अगले सत्र के लिए भी अटक सकते हैं.
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