पटना में मेट्रो निर्माण के दौरान सोमवार की रात बड़ा हादसा हो गया. निर्माणाधीन टनल के पास लोको मशीन का ब्रेक फेल होने से दो लोगों की जान गई और आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं. देर रात हुए घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, विशेषकर यह कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अचानक हुए हादसे ने मेट्रो कार्य में संलग्न इंजीनियर्स और अधिकारियों की लापरवाही को एक बार फिर उजागर किया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब यह दुर्घटना हुई उस समय लोको मशीन मेट्रो चैनल में सामग्री पहुंचा रही थी. टनल में उस समय कई मजदूर काम कर रहे थे. अचानक ब्रेक फेल होने के कारण एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई. मजदूरों का कहना है कि मेट्रो के अधिकारी उन्हें फेल ब्रेक वाली लोको मशीन चलाने के लिए मजबूर कर रहे थे, जबकि उन्होंने इस मुद्दे पर कई बार शिकायत की थी. अधिकारियों का जवाब था कि यदि काम नहीं करना है तो उन्हें छोड़कर जाना होगा.
इसके अलावा, गीली मिट्टी का धंसना भी इस घटना की एक वजह बताई जा रही है. सवाल उठता है कि जब मिट्टी गीली हो गई थी, तो सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई? क्या इंजीनियरों ने मजदूरों को उचित निर्देश नहीं दिए? निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की कमी ने क्या इस दुर्घटना को जन्म दिया? पटना में मेट्रो के निर्माण कार्य के क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी देखने को मिलती है.
राजेंद्र नगर से मलाही पकड़ी और मलाही पकड़ी से बैरिया बस स्टैंड तक, विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा मानकों की कमी साफ दिखाई देती है. अशोक राजपथ क्षेत्र में भी स्थितियों में सुधार की आवश्यकता है, जहां मेट्रो साइट के आस-पास सड़कें खराब स्थिति में हैं. यहां बड़े गड्ढे हैं और कई बार मेट्रो साइट के निकट वाहन भी पलट चुके हैं, लेकिन मेट्रो निर्माण में लगे लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.
इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया है. जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि एडीएम ला एंड ऑर्डर की अध्यक्षता में गठित टीम इस मामले की जांच करेगी. यदि किसी की लापरवाही साबित होती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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यह पहली बार नहीं है जब पटना में मेट्रो निर्माण से जुड़ी कोई दुर्घटना हुई है. इससे पहले कंकड़बाग थाना क्षेत्र के न्यू बाईपास के रामकृष्ण नगर इलाके में एक बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें ऑटो मीठापुर से जीरोमाइल की ओर जा रहा था और मेट्रो की क्रेन से टकरा गया. इस दुर्घटना में चार लोगों की मौत हुई थी, जिसमें एक महिला और बच्चा भी शामिल थे.
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