बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं एसटीईटी की मांग को लेकर उतर गए. राजधानी के पटना कॉलेज से सभी छात्र डाक बंगला चौराहा पहुंच गए और जमकर प्रदर्शन किया तथा सरकार के खिलाफ नारे लगाए. यहां पर पुलिस पहले से ही बैरिकेडिंग लगा चुकी थी. डाक बंगला चौराहा पर जैसे ही अभ्यर्थी जुटे, पुलिस ने अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने से रोकना शुरू किया.
इस दौरान जब प्रदर्शन कर रहे छात्र अड़े रहे तो पुलिस ने इन अभ्यर्थियों को खदेड़ दिया. पुलिस ने इस दौरान हल्का बल प्रयोग भी किया. सभी मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने की मांग कर रहे थे. दरअसल, सरकार ने शिक्षक बहाली के लिए टीआरई-4 और टीआरई-5 का ऐलान कर दिया है. छात्र इससे पहले एसटीईटी की मांग कर रहे हैं. इससे पहले भी छात्र सड़कों पर उतर चुके हैं.
पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, कई बार प्रदर्शकारी छात्रों को सड़क से हटने को कहा गया, लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं हुए. इसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया. जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिलने भी गया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले कहा गया था कि साल में दो बार एसटीईटी होगी, लेकिन अब 2026 की बात कही जा रही है. जब एसटीईटी नहीं होगी, तो हम वैकेंसी रहते हुए भी अप्लाई नहीं कर सकते. छात्रों ने मांग की है कि शिक्षक बहाली से पहले परीक्षा ली जाए. आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने ‘एसटीईटी नहीं तो वोट भी नहीं’ के नारे लगाए.
उनका कहना है कि हम छात्र केवल परीक्षा की मांग कर रहे हैं. सरकार पर दबाव बनाने के लिए राजधानी पटना में राज्य के सभी जिलों से अभ्यर्थी जुटे थे और पटना कॉलेज से जुलूस की शक्ल में डाकबंगला चौराहा पहुंचे थे.
भारत एक्सप्रेस
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