Amit Shah Gandhinagar Visit: सहकारिता के क्षेत्र में भारत आज एक नई क्रांति की ओर कदम बढ़ाने जा रहा है. गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर (Mahatma Mandir) में आज (मंगलवार) केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) एक हाई-लेवल ‘मंथन बैठक’ (Manthan Meeting) की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक का एजेंडा बेहद बड़ा और महत्वाकांक्षी है, जिसका सीधा असर देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.
इस बैठक का सबसे बड़ा और अहम प्रस्ताव देश भर में 2 लाख नई कोऑपरेटिव सोसायटी बनाने का है. इसमें मल्टी-पर्पस प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटी (MPACS) का गठन शामिल है. कृषि के अलावा डेयरी और मत्स्य पालन (Fisheries) के क्षेत्र में भी नई समितियां बनाई जाएंगी ताकि जमीनी स्तर पर किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिल सके.
बैठक में कोऑपरेटिव चीनी मिलों (Sugar Mills) की फाइनेंशियल वायबिलिटी (Financial Viability) को बेहतर बनाने के उपायों पर गंभीर चर्चा होगी. मकसद यह है कि जो मिलें घाटे में चल रही हैं या बंद होने की कगार पर हैं, उन्हें फिर से कैसे खड़ा किया जाए और प्रॉफिटेबल बनाया जाए.
इस महामंथन में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कोऑपरेटिव मंत्री (Cooperative Ministers) शामिल हो रहे हैं. उनके साथ एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और सेक्रेटरी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.
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अधिकारियों के मुताबिक, इस मीटिंग में कोऑपरेटिव मंत्रालय द्वारा अब तक शुरू की गई पहलों (जैसे कंप्यूटराइजेशन, डेटाबेस तैयार करना) की प्रगति का आकलन किया जाएगा. यह बैठक राज्यों के लिए अपने ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ (Best Practices) शेयर करने का एक प्लेटफॉर्म भी बनेगी.
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