प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस महीने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त के रूप में 18,640 करोड़ रुपए से ज्यादा जारी किए जाने से 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को वित्तीय सहायता मिली है, जिनमें से करीब 2.15 करोड़ महिला किसान हैं.
गुरुवार को जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, इस योजना की शुरुआत से अब तक किसानों को दी गई कुल राशि 4.27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है. इसी के साथ पीएम-किसान दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) योजनाओं में से एक बन गई है.
यह योजना आधार-आधारित सत्यापन और डिजिटाइज्ड भूमि रिकॉर्ड के जरिए लागू की जाती है, जिससे सही लाभार्थियों तक सीधे और पारदर्शी तरीके से पैसा पहुंचाया जाता है.
सरकार इसे ‘अन्नदाता सम्मान’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानती है. किसानों की आय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (आईएफपीआरआई) और नीति आयोग के आकलन के अनुसार, इस योजना से किसानों की कृषि आय बढ़ी है और उनकी अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम हुई है.
देश के अलग-अलग हिस्सों में पीएम-किसान योजना ने किसानों को अपनी खेती में निवेश करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद की है. केरल के एडक्कारा की किसान भामिनी इस योजना की लाभार्थी हैं. उन्होंने बताया कि समय पर मिलने वाली आर्थिक मदद उन्हें खेती को बेहतर बनाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली के जरिए पैसा सीधे खाते में पहुंचने से उन्हें बिना देरी के सहायता मिलती है.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दुर्गापुर के किसान अनिल हलदार के लिए सालाना 6,000 रुपए की सहायता खेती के लिए काफी उपयोगी साबित हुई है. अगस्त 2025 में किस्त मिलने के बाद उन्होंने तरबूज की खेती शुरू की और जरूरी सामान खरीदने में इस पैसे का इस्तेमाल किया. इससे उन्हें फसल में विविधता लाने में मदद मिली.
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के किसान दीपक सिंह नेगी भी इस योजना की मदद से बीज, खाद और कीटनाशक जैसे जरूरी कृषि इनपुट खरीदते हैं. इससे उनकी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है.
पीएम-किसान एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसे 2019 में शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य देश भर के जमीन वाले किसान परिवारों को आय सहायता देना है.
इस योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है, जो 2,000 रुपए की तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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