प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में 4 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअली उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री ने चैंपियनशिप में हिस्सा लेने आए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी और स्थानीय सांसद होने के नाते उनका स्वागत किया. इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उपस्थित रहे.
उन्होंने कहा कि वाराणसी को जानने के लिए यहां आना पड़ता है. आप सभी यहां आ गए हैं. आप वाराणसी को समझिए, जानिए. आपको यहां खेल का अच्छा माहौल मिलेगा और दर्शक भी अच्छे मिलेंगे. देश के 28 राज्यों की टीमें यहां जुटी हैं, यानी आप सब एक भारत और श्रेष्ठ भारत की सुंदर तस्वीर भी प्रस्तुत कर रहे हैं. आपने जो मेहनत की है, आने वाले दिनों में काशी के मैदान पर उसकी परीक्षा होगी.
पीएम ने कहा, “वॉलीबॉल सिर्फ एक आम खेल नहीं है. यह बैलेंस और सहयोग का खेल है, जहां पक्का इरादा और दृढ़ इच्छाशक्ति दिखती है. यह हमें सिखाती है कि बॉल को किसी भी कीमत पर हवा में रखना चाहिए. वॉलीबॉल हमें टीम स्पिरिट से जोड़ता है. हर कोई अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी टीम के लिए खेलता है.”
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में, खेल को लेकर सरकार और समाज दोनों की सोच में साफ बदलाव आया है. सरकार ने खेल बजट में काफी बढ़ोतरी की है. आज, भारत का खेल मॉडल एथलीट-केंद्रीत हो गया है. टैलेंट की पहचान और वैज्ञानिक प्रशिक्षण से लेकर प्रतिभा के मुताबिक चयन के आधार पर हम आगे बढ़ रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, “बनारस ने कई खेलों के नेशनल खिलाड़ी भी दिए हैं. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, यूपी कॉलेज, काशी विद्यापीठ जैसे शिक्षा संस्थानों के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर छाए रहे हैं. काशी तो हजारों वर्षों से उन सबका सत्कार करती आई है, जो ज्ञान और साधना के लिए यहां जाते हैं. इसलिए मुझे विश्वास है कि नेशनल वॉलीबॉल चैम्पियनशिप के दौरान बनारस का जोश हाई रहेगा. जब देश विकास करता है, तो यह प्रगति सिर्फ आर्थिक मोर्चे तक सीमित नहीं रहती, यह आत्मविश्वास खेल के मैदान पर भी दिखता है. यही हम बीते कुछ वर्षों में हर खेल में देख रहे हैं.”
पीएम ने कहा, “2014 के बाद से अलग-अलग खेलों में भारत का प्रदर्शन बेहतर हुआ है. हमें बहुत गर्व होता है जब जेन जी को खेल के मैदान पर तिरंगा फहराते देखते हैं.”
प्रधानमंत्री ने कहा, “हम स्कूल लेवल पर एथलीट्स को ओलंपिक खेल का एक्सपोजर देने के लिए भी काम कर रहे हैं. खेलो इंडिया पहल की वजह से सैकड़ों युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिला है. कुछ दिन पहले, सांसद खेल महोत्सव खत्म हुआ. इसमें भी करीब एक करोड़ युवाओं ने अपनी प्रतिभा दिखाई. सरकार ने खेल क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं. नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट और खेलो भारत नीति 2025 के जरिए, सही टैलेंट को मौके मिलेंगे और खेल संस्थानों में ज्यादा ट्रांसपेरेंसी पक्की होगी. टॉप्स जैसी पहल भारत में एक मजबूत और सस्टेनेबल स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने में मदद कर रही हैं. एक समय था जब सरकार और समाज दोनों ही खेल के प्रति बेपरवाही दिखाते थे. एथलीट्स भी अपने भविष्य को लेकर परेशान रहते थे.”
उन्होंने कहा, “बीते दशक में कई शहरों में फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी विश्व कप, चेस से जुड़े बड़े इवेंट्स सहित 20 से अधिक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय इवेंट आयोजित किए गए हैं. भारत पूरी मजबूती से 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी प्रयास कर रहा है.” प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से बनारस को एक्सप्लोर करने का भी अनुरोध किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी खिलाड़ियों का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं.
वाराणसी में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है. चैंपियनशिप काशी के सिगरा स्टेडियम में होगी. इसमें हिस्सा लेने के लिए अलग-अलग राज्यों की 58 संस्थाओं की टीमों के 1,000 से ज्यादा खिलाड़ी वाराणसी पहुंचे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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