P Chidambaram on Naxal Statement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर लाल किले की प्राचीर से दिए गए ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है. इस बयान से तिलमिलाई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को सोशल मीडिया पर बड़ा पलटवार करते हुए विवादित टिप्पणी कर डाली. चिदंबरम ने सीना ठोक कर कहा कि ‘उन्हें दिमागी नक्सल होने पर गर्व है.
पूर्व गृहमंत्री के इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी तीर चलने शुरू हो गए हैं और राजनीतिक पारा अचानक चरम पर पहुंच गया है.
दरअसल, शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया था. पीएम मोदी ने कहा था कि जंगलों में हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ भारतीय सुरक्षा बलों को बहुत बड़ी सफलता मिली है और यह हिंसक आंदोलन अब अंतिम सांसें गिन रहा है.
लेकिन इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि भले ही जंगलों से नक्सलवाद कमजोर हुआ हो, लेकिन समाज में सक्रिय ‘दिमागी नक्सल’ अब भी देश के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं. पीएम ने ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें समाज से अलग-थलग करने की पुरजोर पैरवी की थी.
प्रधानमंत्री के इस कड़े बयान के ठीक 24 घंटे के भीतर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने एक्स पर पोस्ट कर अपनी बौखलाहट और विरोध जाहिर किया. देश के पूर्व गृहमंत्री रह चुके चिदंबरम ने बिना किसी हिचकिचाहट के लिखा-‘मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है.
चिदंबरम का यह बयान सामने आते ही सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई है कि आखिर देश का पूर्व गृहमंत्री ऐसी उग्र विचारधारा वाले शब्द को अपने ऊपर गर्व से कैसे स्वीकार कर सकता है. विपक्षी खेमा इसे पीएम के बयान का करारा जवाब बता रहा है, तो वहीं सत्ता पक्ष इसे कांग्रेस का असली चेहरा कह रहा है.
यह भी पढ़ें: सुबह-सुबह बंगाल में मचा हड़कंप: फंदे से लटके मिले ममता के करीबी और पूर्व डिप्टी स्पीकर
चिदंबरम के इस बयान से पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था. जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए नए-नए तमगे ढूंढते रहते हैं.
उन्होंने कहा कि पहले विरोधियों को ‘शहरी नक्सल’ यानी अर्बन नक्सल कहा जाता था और अब ‘दिमागी नक्सल’ कहकर पुकारा जा रहा है. रमेश ने दावा किया कि यह पीएम मोदी की हताशा को दर्शाता है और जिन मुद्दों को लेकर विरोधियों को निशाना बनाया जाता है, बाद में सरकार खुद उन्हीं नीतियों को लागू करती है.
-भारत एक्सपेस
राजस्थान के प्रतापगढ़ में स्थित प्राचीन ऋषि महादेव मंदिर प्राकृतिक सुंदरता और अटूट आस्था का…
दिल्ली हाईकोर्ट ने ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के न्यूट्रिचॉइस मिलेट्स कूकीज पर 'नो एडेड शुगर' और 'नो…
वर्धा में अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (AIHER) का 17वां दीक्षांत समारोह संपन्न.…
Kaizad Bharucha resigns HDFC Bank Deputy MD: HDFC बैंक के डिप्टी MD कैजाद भरूचा ने…
Ravindra Jadeja ODI Team: न्यूजीलैंड दौरे की वनडे टीम से रवींद्र जडेजा के बाहर होने…
दिल्ली के प्रदर्शनों के बाद चर्चा में आए कानूनी शब्दों जैसे डिटेंशन, अरेस्ट, पुलिस कस्टडी…