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सुबह-सुबह बंगाल में मचा हड़कंप: फंदे से लटके मिले ममता के करीबी और पूर्व डिप्टी स्पीकर

पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट में पूर्व डिप्टी स्पीकर और TMC के वरिष्ठ नेता डॉ. आशीष बनर्जी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पार्टी कार्यालय में मिला. शव फंदे से लटका हुआ था, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी.

पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गलियारों से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. दरअसल राज्य विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और ममता सरकार में कई विभागों के मंत्री रह चुके वरिष्ठ नेता डॉ. आशीष बनर्जी का शव उनके रामपुरहाट स्थित घर के पास पार्टी दफ्तर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया है. बीरभूम जिले के रामपुरहाट के वार्ड नंबर 5 (हट्टलपारा) स्थित पार्टी कार्यालय में सुबह-सुबह शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में भारी हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई.

सुसाइड नोट हुआ बरामद

घटना की सूचना मिलते ही बीरभूम और रामपुरहाट थाने की पुलिस बल मौके पर पहुंची. पुलिस ने तुरंत पार्टी दफ्तर को सील कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल भेज दिया है. बीरभूम पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है.

वहीं फिलहाल घर और पार्टी दफ्तर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा.

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रामपुरहाट से 5 बार के रह चुके हैं विधायक

डॉ. आशीष बनर्जी बीरभूम की राजनीति में एक बड़ा और कद्दावर चेहरा माने जाते थे. वे रामपुरहाट विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे. तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में उन्होंने कृषि, स्कूल शिक्षा और आयुष जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला. 2021 में ममता बनर्जी सरकार ने उन्हें विधानसभा का डिप्टी स्पीकर bनियुक्त किया था.

यह भी बता दें कि वे बीरभूम जिले में अनुब्रता मंडल के बेहद करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे, हालांकि हाल के दिनों में उन्होंने जिला तृणमूल कोर कमेटी से दूरी बना ली थी. इस दुखद खबर के बाद बीरभूम समेत पूरे पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है.

-भारत एक्सप्रेस 

 



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