PM Modi Oman Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर ओमान जाएंगे. यह उनके तीन देशों के दौरे का आखिरी पड़ाव होगा, जिसमें जॉर्डन और इथियोपिया भी शामिल हैं. यह प्रधानमंत्री मोदी का ओमान का दूसरा दौरा होगा, जो भारत-ओमान रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती गहराई को दिखाता है.
यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि यह भारत और ओमान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है. यह दिसंबर 2023 में सुल्तान हैथम बिन तारिक की भारत यात्रा के बाद हो रहा है, जो दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय राजनीतिक जुड़ाव को दिखाता है.
पीएम मोदी अपने प्रवास के दौरान सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक बातचीत करेंगे. उम्मीद है कि चर्चा में व्यापार और निवेश, ऊर्जा सहयोग, रक्षा और सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे. दोनों नेता आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे.
यात्रा से पहले मीडिया को जानकारी देते हुए, विदेश मंत्रालय में सचिव (काउंसलर, पासपोर्ट और वीजा और प्रवासी भारतीय मामले) अरुण कुमार चटर्जी ने कहा कि यह फरवरी 2018 में अपनी पिछली यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी का ओमान का दूसरा दौरा होगा. उन्होंने समुद्री व्यापार और लोगों के बीच संबंधों के माध्यम से सदियों पुराने संपर्कों में निहित भारत-ओमान संबंधों की स्थायी प्रकृति पर जोर दिया. चटर्जी ने कहा-
“प्रधानमंत्री ओमान के महामहिम सुल्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की व्यापक समीक्षा करेंगे और आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे.”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से एक बिजनेस फोरम में दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स को संबोधित करने की भी उम्मीद है, जिसका मकसद वाणिज्यिक और निवेश साझेदारी को मजबूत करना है. इसके अलावा, प्रधानमंत्री ओमान में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करेंगे, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेंगे और ओमान के आर्थिक विकास में उनके योगदान को स्वीकार करेंगे.
ये भी पढ़ें: इथियोपिया में पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान, प्रतिष्ठित अवार्ड को पाने वाले दुनिया के पहले राष्ट्राध्यक्ष
भारत और ओमान के बीच वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत सहयोग के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी है. ओमान खाड़ी क्षेत्र में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार बना हुआ है, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता में मजबूत सहयोग है. उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे और आने वाले सालों में भारत-ओमान सहयोग को नई गति मिलेगी.
नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.
नई दिल्ली में आयोजित ‘सेवा संकल्प – राष्ट्रनिर्माण के 25 साल’ समारोह में सेवा, सद्भाव…
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी पत्नी नीलकंती पाटेकर चर्चा में हैं. जानिए मराठी…
दिल्ली हाईकोर्ट जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के…
Donald Trump On Nobel Peace Prize: नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के ऐलान से पहले डोनाल्ड…
France Violence: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि फ्रांस में जो कुछ हो रहा है,…
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश…