15 अगस्त को लाल किले पर हुए स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) समारोह में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की गैरमौजूदगी को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस राष्ट्रीय पर्व का बहिष्कार कर देश का अपमान किया है.
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा,
“यह कोई निजी कार्यक्रम नहीं था, यह देश का पर्व था. कांग्रेस नेताओं की अनुपस्थिति से साफ है कि उन्हें देश की परंपराओं से कोई लेना-देना नहीं है.”
इस आरोप पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया है. कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी पिछले 11 सालों से लाल किले की प्राचीर से विपक्ष पर हमले करते हैं, एकता की बात कम और राजनीतिक निशाना ज्यादा साधते हैं. उन्होंने कहा कि पीएम की भाषा ऐसी होती है जैसे देश 2014 में ही जागा हो.”
सप्पल ने उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम ने भारत को खाद्यान्न, चावल, मसाले और फलों में नंबर वन बताया, लेकिन यह नहीं बताया कि ये उपलब्धियां इंदिरा गांधी की हरित क्रांति, राजीव गांधी के ऑयल सीड मिशन और नरसिम्हा राव की श्वेत क्रांति की वजह से संभव हुईं.
कांग्रेस का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पर प्रधानमंत्री को देश की एकता की बात करनी चाहिए, न कि विपक्ष को निशाना बनाना. सप्पल ने कहा,
“संविधान ने प्रधानमंत्री को देश को जोड़ने की जिम्मेदारी दी है, लेकिन दुर्भाग्य से पिछले 11 वर्षों में यह अनुभव नहीं रहा.”
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इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. जहां बीजेपी इसे राष्ट्र के सम्मान से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे प्रधानमंत्री की विभाजनकारी राजनीति का नतीजा बता रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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