दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को सूचित किया है कि उसने दीवानी अदालतों के आर्थिक क्षेत्राधिकार को तीन लाख रुपए से बढाकर 20 लाख रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. साथ ही केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि संसद की ओर से पंजाब अदालत अधिनियम, 1918 की धारा 39(1) में संशोधन कर दिल्ली में जिला न्यायाधीशोें के आर्थिक अपीलीय क्षेत्राधिकार को बढाया जाए. यह जानकारी दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव (कानून, न्याय और विधायी मामले) भरत पराशर ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर दी है.
मामलें में सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन एवं न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ इस मामले में अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी. आर्थिक क्षेत्राधिकार से तात्पर्य किसी मुकदमे के मूल्य या राशि के आधार पर अदालत के अधिकार क्षेत्र से है. पीठ वकील अमित साहनी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली की दीवानी अदालतों के आर्थिक क्षेत्राधिकार को तीन लाख रुपए से बढाकर 20 लाख रुपए करने की मांग किया गया है. याचिकाकर्ता ने सूचित किया है कि सीमा बढाने का निर्णय हाईकोर्ट ने अपने प्रशासनिक पक्ष में पहले ही ले चुका है, लेकिन एक साल बाद भी केंद्र ने इसे अभी तक अधिसूचित नहीं किया है.
-भारत एक्सप्रेस
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