राहुल गांधी. (फाइल फोटो)
7 अगस्त 2025—भारतीय राजनीति में यह तारीख आने वाले वर्षों में एक ‘टर्निंग पॉइंट’ के तौर पर याद की जा सकती है. इस दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने न सिर्फ अपने नए सरकारी निवास 5, सुनहरी बाग रोड में विपक्ष के प्रमुख नेताओं की ऐतिहासिक बैठक और डिनर की मेज़बानी की, बल्कि पहली बार 10 जनपथ के परे एक नया राजनीतिक केंद्र उभरता दिखा .
राहुल गांधी ने 2004 में अमेठी से संसद में कदम रखा था, तब से लेकर अब तक के उनके 21 साल के सियासी सफर में कई उतार-चढ़ाव रहे—2009 की यूपीए जीत, 2014 और 2019 की करारी हार, पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा और फिर 2024 में उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन के बाद लोकसभा में नेता विपक्ष की ज़िम्मेदारी. लेकिन इन दो दशकों के लंबे सफर में पहली बार ऐसा प्रतीत हुआ कि राहुल गांधी न केवल कांग्रेस के, बल्कि पूरे INDIA गठबंधन के सर्वस्वीकार्य नेता बनकर उभर रहे हैं.
सियासी गलियारों में कहा जाता है कि सिर्फ पद नहीं, प्रभाव और पहुंच ही असली ताकत होती है. राहुल गांधी के नए निवास 5, सुनहरी बाग रोड पर विपक्ष के सभी बड़े नेताओं का जुटना यह संकेत देता है कि अब यह बंगला विपक्ष की राजनीति का नया नर्व सेंटर बन चुका है.
2024 के चुनाव में जहां कांग्रेस को अपेक्षाकृत बेहतर नतीजे मिले, वहीं हरियाणा, महाराष्ट्र जैसी जगहों पर हालिया उपचुनावों में हार और ईवीएम, ओबीसी आरक्षण, जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ एकजुटता की ज़रूरत ने विपक्ष को फिर एक साथ खड़ा कर दिया. इसमें राहुल गांधी की भूमिका निर्णायक रही—उन्होंने विपक्ष के साझा मुद्दों को आगे बढ़ाया, व्यक्तिगत रूप से मेलजोल बढ़ाया और विपक्षी नेताओं के साथ तालमेल की राजनीति को प्राथमिकता दी.
7 अगस्त को दिन में राहुल गांधी ने चुनावी धांधली के सुबूतों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की, और शाम को 5 सुनहरी बाग रोड ने विपक्षी संवाद कर नई शुरुआत की
कभी 10 जनपथ कांग्रेस और यूपीए की ताकत का केंद्र था. सोनिया गांधी के नेतृत्व में 2004 से 2014 तक यूपीए की सत्ता यहीं से संचालित हुई. लेकिन 2014 के बाद जैसे-जैसे पार्टी कमजोर होती गई, 10 जनपथ की राजनीतिक सक्रियता भी सीमित होती गई. अब जब राहुल गांधी ने विपक्ष के नेता के रूप में स्पष्ट और सामूहिक नेतृत्व देना शुरू किया है, तो 5 सुनहरी बाग रोड एक नया पॉलिटिकल पावरहाउस बनकर उभर रहा है.
सियासत में संकेतों की अहमियत होती है, और 7 अगस्त 2025 का दिन तमाम प्रतीकों से भरा हुआ है. विपक्ष का एक साथ आना, राहुल के नेतृत्व को सहमति मिलना, और 5 सुनहरी बाग का “पावर सेंटर” बनना . 10 जनपथ की राजनीतिक विरासत अब 5 सुनहरी बाग के रूप में आगे बढ़ रही है.
डीएमके सुप्रीमो एम.के. स्टालिन स्वास्थ्य कारणों से नहीं आ सके, लेकिन प्रतिनिधियों को भेजा. इसके अवाला जेएमएम नेता हेमंत सोरेन पारिवारिक कारणों से अनुपस्थित रहे, लेकिन पार्टी की उपस्थिति दर्ज कराई. 5 सुनहरी बाग रोड, आने वाले वर्षों में विपक्षी राजनीति का नया किला बनता दिख रहा है. क्या यह किला 2029 में सत्ता के सिंहासन तक पहुंचेगा? इसका जवाब वक्त देगा .
-भारत एक्सप्रेस
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