देश

“घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करें या देश से माफी मांगें”, राहुल गांधी के वोट चोरी के दावे पर चुनाव आयोग हुआ सख्त

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ओर से चुनाव आयोग पर लगाए गए ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों पर आयोग ने सख्ती दिखाई है. चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले की जांच करने के लिए राहुल गांधी से हलफनामा देने की मांग की है.

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने कहा कि यदि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को अपने विश्लेषण पर भरोसा है और वे चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सच मानते हैं, तो उन्हें बिना किसी हिचकिचाहट के घोषणा-पत्र (डिक्लरेशन) पर हस्ताक्षर करने चाहिए. आयोग ने कहा कि यदि राहुल गांधी इस घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर नहीं करते, तो इसका सीधा अर्थ होगा कि उन्हें अपने ही विश्लेषण और उसके आधार पर लगाए गए आरोपों पर विश्वास नहीं है. ऐसे में, चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए ‘बेतुके आरोपों’ के लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए.

सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने आगे कहा है कि राहुल गांधी के पास अब केवल दो विकल्प हैं, या तो घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करके अपने आरोपों को साबित करें, या फिर बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए राष्ट्र से सार्वजनिक रूप से मांफी मांगे करें.

यह भी पढ़ें- SIR In Bihar: सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद! चुनाव आयोग में आपत्ति दर्ज कराने अब तक नहीं पहुंचा एक भी दल

Rahul Gandhi ने लगाया था वोट चोरी का आरोप

बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर चुनावों में हेराफेरी कर रहा है और लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि हमारे संविधान की नींव ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के सिद्धांत पर टिकी है. इसलिए जब चुनाव होते हैं तो सबसे जरूरी सवाल यह है कि क्या सही लोगों को वोट डालने की अनुमति मिल रही है? क्या वोटर लिस्ट में फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं? क्या वोटर लिस्ट सटीक है?

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से लोगों में संदेह बढ़ता जा रहा है. उन्होंने पांच मुख्य बिंदु गिनाए और कहा कि भाजपा को कभी भी एंटी-इनकंबेंसी (विरोधी लहर) का सामना नहीं करना पड़ता. भाजपा को अप्रत्याशित और बड़ी जीत मिल जाती है. ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल बार-बार गलत साबित हो जाते हैं. मीडिया द्वारा तैयार किया गया माहौल और चुनाव कार्यक्रम को सोच-समझकर ‘कोरियोग्राफ’ करना भी इन पांच बिंदुओं में शामिल हैं.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

Recent Posts

अखिलेश यादव के UCC वाले बयान पर सियासी बवाल, राजभर बोले- हिम्मत है तो मुस्लिम CM बनाने का करो ऐलान

UCC Controversy: अखिलेश यादव द्वारा UCC को ‘अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी’ कहने पर बीजेपी नीत NDA…

14 minutes ago

BRICS Local Currency Trade: डॉलर के बजाय लोकल करेंसी में बढ़ेगा कारोबार? छोटे निर्यातकों पर क्या होगा असर

BRICS Local Currency Trade Impact on Exporters: BRICS देशों ने स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और…

35 minutes ago

ग्राहम स्टेंस हत्याकांड: दोषी दारा सिंह की रिहाई याचिका पर ओडिशा सरकार का इनकार, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

ओडिशा सरकार ने ग्राहम स्टेंस हत्याकांड के दोषी दारा सिंह की रिहाई याचिका खारिज कर…

41 minutes ago

समुद्र की सुरक्षा पर BRICS का फोकस, पीएम मोदी ने रखा सीफेरर्स के लिए इमरजेंसी नेटवर्क का प्रस्ताव

BRICS Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्र में संकट का सामना करने वाले सीफेयरर्स…

55 minutes ago

लड़की का फोन लेकर भागा बंदर, पीछे दौड़ती रही युवती; ‘टॉम एंड जेरी’ वाली भागदौड़ देख हंस पड़े लोग

Monkey Viral Video Phone Snatching: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक बंदर लड़की का…

1 hour ago