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‘दिल्ली का शीश महल छोड़कर पंजाब के आलीशान…’ केजरीवाल की रिहाई पर दिल्ली CM रेखा गुप्ता क्या बोलीं?

Rekha Gupta On Arvind Kejriwal: शुक्रवार (27 फरवरी) को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. आबकारी नीति (Delhi excise policy case) मामले में कोर्ट ने पूर्व सीएम और पूर्व डिप्टी सीएम समेत सभी आरोपियों को बरी किया है. हालांकि इस पर अब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) का तीखा बयान सामने आया है.

रेखा गुप्ता ने किया कटाक्ष

दिल्ली की सीएम और बीजेपी नेता रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल को लेकर बड़ा बयान दिया है, साथ ही उनकी इस रिहाई पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. रेखा गुप्ता ने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि जांच के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की गई और बड़ी संख्या में मोबाइल फोन व डेटा नष्ट किए गए. दिल्ली सीएम ने सवाल किया, “अगर वे (केजरीवाल) सही थे तो जैसे ही जांच शुरू हुई, आबकारी नीति को तुरंत वापस क्यों ले लिया?”

‘शीश महल’ को लेकर साधा निशाना

रेखा गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल की कथित सादगी वाली छवि पर तीखा हमला बोला. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति 42 साइज की शर्ट पहनता है, वह 44 साइज की शर्ट पहनकर खुद को आम और साधारण दिखाने की कोशिश करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें ‘शीश महल’ जैसी सुविधाओं में रहने की आदत है और दिल्ली छोड़ने के बाद भी वे पंजाब में उसी तरह के आलीशान आवास में रह रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति प्राइवेट जेट से यात्रा करता हो, वह खुद को साधारण और ईमानदार बताने का दावा कैसे कर सकता है.

‘एक के साथ एक मुफ्त’ शराब योजना

मुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया कि केवल आबकारी नीति ही नहीं, बल्कि अन्य सरकारी योजनाओं में भी गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. उन्होंने स्कूलों के निर्माण, अतिरिक्त क्लासरूम परियोजनाओं और अन्य भवन निर्माण कार्यों में लागत बढ़ने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई परियोजनाओं में स्वीकृत बजट से कहीं ज्यादा खर्च किया गया, जिससे ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचा.


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इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने ‘एक के साथ एक मुफ्त’ शराब योजना और ठेकेदारों के कमीशन में कथित बढ़ोतरी को भी सवालों के घेरे में रखा. उनका दावा है कि कमीशन दर को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया गया और पूरे सेक्टर को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में कदम उठाए गए, जिससे संदेह पैदा होता है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने समय-समय पर चिंता व्यक्त की है और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे पहलुओं पर भी प्रश्न उठे हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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