रिपोर्ट- अभिषेक
Maharashtra Assembly budget session: महाराष्ट्र विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला. विपक्ष ने मराठी भाषा दिवस पर सरकार पर कई आरोप लगाए, जिसके चलते सदन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. हाल ही में हुए महानगरपालिका चुनाव में भी ‘ठाकरे ब्रदर्स’ (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) ने मराठी अस्मिता का दांव खेला था, लेकिन चुनाव में यह दांव भी धराशायी रह गया था.
विपक्ष का विरोध प्रदर्शन
बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर मराठी अस्मिता को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया. विपक्ष ने बीजेपी और सहयोगी दलों पर आरोप लगाया कि यह सरकार मराठी भाषा के साथ अन्याय कर रही है. विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी ने यह भी दावा किया कि सरकार अपने फायदे के लिए जनता को नुकसान पहुंचा रही है. इसके बाद राज्य का राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है.
इन मुद्दों पर भीड़ा पक्ष-विपक्ष
शुक्रवार (27 फरवरी) को विपक्षी गठंबधन महाविकास अघाड़ी ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा. विपक्ष ने मराठी भाषा दिवस पर मराठी भाषा के लिए उठाए जा रहे कदमों पर सवाल उठाए. विपक्ष ने कहा, “महाराष्ट्र हमारा गौरव है, मराठी हमारा गौरव है, धिक्कार है उस सरकार पर जो मराठी भाषा के साथ अन्याय कर रही है, धिक्कार है उस सरकार पर जो मराठी स्कूल बंद कर रही है”.
विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार मराठी के खिलाफ कार्य कर रही है और मराठी स्कूल बंद करा रही है. साथ ही मराठी भाषा भवन की जगह बिहार भवन बनाए जाने को लेकर भी विपक्ष सरकार पर हमलावर रहा.
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एक बार फिर शुरू हुई मराठी अस्मिता की ‘जंग’
महाविकास अघाड़ी ने सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य मराठी भाषा को क्लासिकल भाषा का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास नहीं कर रहा है और पर्याप्त फंड भी नहीं दे रहा है. विरोध प्रदर्शन के बाद मराठी अस्मिता का मुद्दा राज्य में एक बार फिर गरमा गया है. सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं और मराठी वोटरों को लुभाने की कोशिश में जुटे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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