आरबीआई के नए गर्वनर संजय मल्होत्रा.
RBI Governor Sanjay Malhotra: राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का गवर्नर नियुक्त किया गया है. केंद्र सरकार ने एक बयान में कहा कि वे बुधवार (11 दिसंबर) से 3 साल के लिए कार्यभार संभालेंगे. मल्होत्रा राजस्थान कैडर के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं.
उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (IIT Kanpur) से कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है तथा अमेरिका के प्रिंसटन विश्वविद्यालय से सार्वजनिक नीति में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की है. 33 वर्षों से अधिक के करिअर में मल्होत्रा ने बिजली, वित्त और कराधान, सूचना प्रौद्योगिकी, खान आदि सहित कई क्षेत्रों में काम किया है.
शक्तिकांत दास की लेंगे जगह
राजस्व सचिव (Revenue Secretary) नियुक्त होने से पहले वे वित्तीय सेवा विभाग में सचिव थे. राजस्व विभाग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, उन्हें राज्य और केंद्र सरकार में वित्त और कराधान का व्यापक अनुभव है. मल्होत्रा आरबीआई में शक्तिकांत दास की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल मंगलवार (10 दिसंबर) को समाप्त हो रहा है.
दास को उनके पूर्ववर्ती उर्जित पटेल के अचानक पद छोड़ने के बाद 12 दिसंबर, 2018 को RBI का 25वां गवर्नर नियुक्त किया गया था. दास को अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद सेवा विस्तार दिया गया था. RBI का कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने अधिशेष हस्तांतरण (Surplus Transfer) के मुद्दे पर RBI और सरकार के बीच तनातनी के बीच उर्चित पटेल के अचानक इस्तीफे से हिले बाजार को विश्वास दिलाया था.
अपनी वर्तमान भूमिका से पहले मल्होत्रा वित्तीय सेवा विभाग में सचिव थे, जहां उन्होंने भारत के वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्रों की देखरेख की. सरकारी कंपनी आरईसी लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में उनके पिछले कार्यकाल में कंपनी ने महत्वपूर्ण विकास चरणों को देखा. दिसंबर 2022 से राजस्व सचिव के रूप में मल्होत्रा ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों करों के लिए कर नीतियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उनके नेतृत्व ने कर संग्रह को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो भारत के राजकोषीय स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है.
संजय मल्होत्रा ने जीएसटी परिषद के पदेन सचिव के रूप में भी काम किया है, जो भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ढांचे के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार निकाय है. उनकी भूमिका में राष्ट्रीय कर प्रणाली की अखंडता को बनाए रखते हुए राज्यों की कभी-कभी परस्पर विरोधी राजकोषीय अपेक्षाओं को संतुलित करना शामिल था. करों के अलावा मल्होत्रा सरकार के गैर-कर राजस्व स्रोतों की देखरेख में शामिल थे, जिसमें ऋण पर ब्याज से आय, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) से लाभांश और सेवा शुल्क शामिल थे.
नए RBI गवर्नर के रूप में संजय मल्होत्रा को मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने और स्थिर आर्थिक विकास सुनिश्चित करने की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. राजकोषीय नीति निर्माण, कर प्रशासन और वित्तीय सेवाओं में उनके अनुभव से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की मौद्रिक नीतियों को आकार मिलने की उम्मीद है.
-भारत एक्सप्रेस
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