फोटो: तेज प्रताप यादव अनुष्का के साथ. दूसरी ओर तेजस्वी और लालू प्रसाद यादव
बिहार की राजनीति में उस समय एक बड़ा भूचाल आया जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया. यह फैसला तेज प्रताप के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने अपनी 12 साल की रिलेशनशिप का खुलासा किया था. हालांकि, पोस्ट को कुछ ही देर बाद डिलीट कर दिया गया, लेकिन तब तक यह सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था. इस घटना के बाद लालू यादव ने न केवल उन्हें पार्टी से बाहर किया, बल्कि परिवार से भी सभी रिश्ते तोड़ने की बात कह दी.
बता दें कि 24 मई 2025 को तेज प्रताप यादव ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया था, जिसमें उन्होंने अनुष्का यादव नाम की एक लड़की के साथ अपनी 12 साल की रिलेशनशिप की बात स्वीकारी. पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैं तेज प्रताप यादव और मेरे साथ इन तस्वीर में जो दिख रही हैं, उनका नाम अनुष्का यादव है. हम दोनों पिछले 12 सालों से एक-दूसरे को जानते हैं और प्यार भी करते हैं. हमलोग पिछले 12 सालों से एक रिलेशनशिप में रह रहे हैं. मैं बहुत दिनों से आपलोगों से यह बात कहना चाहता था पर समझ नहीं आ रहा था कैसे कहूं… इसलिए आज इस पोस्ट के माध्यम से अपनी दिल की बात आप सब के बीच रख रहा हूं. आशा करता हूं आपलोगों मेरी बात समझोगे.”
इस पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी थी, जिसमें तेज प्रताप और अनुष्का एक साथ नजर आ रहे थे. हालांकि, पोस्ट वायरल होने के बाद उन्होंने इसे डिलीट कर दिया.
तेज प्रताप के पोस्ट के बाद लालू प्रसाद यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें पार्टी और परिवार से अलग करने का फैसला लिया. 25 मई को लालू ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमज़ोर करता है. ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है.”
उन्होंने आगे कहा कि तेज प्रताप को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जा रहा है और अब उनकी पार्टी व परिवार में कोई भूमिका नहीं होगी. लालू ने यह भी स्पष्ट किया कि तेज प्रताप अब अपने निजी जीवन के फैसले खुद लें, और जो लोग उनसे संबंध रखना चाहते हैं, वे अपने विवेक से निर्णय लें.
इस घटनाक्रम पर तेज प्रताप के छोटे भाई एवं बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “राजनीतिक जीवन और निजी जीवन दोनों अलग-अलग होते हैं. हम जनता के बीच रहते हैं, हमें उनकी बातें सुननी और समझनी होती हैं.” तेजस्वी ने यह भी कहा कि लालू प्रसाद यादव ने इस मुद्दे पर अपनी भावनाएं सोशल मीडिया के जरिए स्पष्ट कर दी हैं, और अब यह तेज प्रताप पर निर्भर है कि वे आगे क्या कदम उठाते हैं. इसके साथ ही, तेजस्वी ने नीति आयोग की बैठक में शामिल न होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा और कहा कि इससे उनकी बिहार के प्रति सोच स्पष्ट हो जाती है.
तेज प्रताप के निष्कासन के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि तेज प्रताप इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और इसका RJD के अंदरूनी समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा. तेज प्रताप यादव बिहार के पूर्व पर्यावरण और स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं, और उनकी पार्टी में एक अहम भूमिका रही है. ऐसे में उनके इस निष्कासन से पार्टी की एकता और भविष्य की रणनीतियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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