BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने क्यों दिया इस्तीफा?
Shehzad Poonawalla: बीजेपी के चर्चित प्रवक्ताओं में शामिल रहे शहजाद पूनावाला के अचानक पार्टी से इस्तीफे (Shehzad Poonawalla resignation) ने राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा पैदा कर दी. लंबे समय तक टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने वाले पूनावाला ने अब अपने फैसले की वजह खुलकर बताई है. टीवी के एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि राजनीति में लगातार सक्रिय रहने के कारण उनके पास कमाई का कोई दूसरा जरिया नहीं बचा था. धीरे-धीरे उनकी जमा-पूंजी भी खत्म हो गई और घर चलाना मुश्किल होने लगा.
पूनावाला ने साफ शब्दों में कहा कि मकान मालिक सिर्फ इसलिए किराया माफ नहीं कर सकता क्योंकि वह भाजपा नेता हैं. हर महीने घर का किराया और बाकी खर्च पूरे करने होते हैं. ऐसे में 24 घंटे पार्टी के काम में लगे रहने के कारण उनके लिए दूसरी नौकरी या कमाई का रास्ता निकालना संभव नहीं था. आखिरकार आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें पार्टी छोड़ने का फैसला लेना पड़ा. (Why did Shehzad Poonawalla quit BJP?)
आर्थिक परेशानियों के साथ परिवार की जिम्मेदारियां भी उनके फैसले में अहम रहीं. पूनावाला ने बताया कि कुछ समय पहले उनकी मां का एक्सीडेंट हुआ था. उनकी देखभाल और परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए उन्हें समय चाहिए था. उन्होंने कहा कि एक बेटे के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटना चाहते थे.
पूनावाला के मुताबिक, उन्होंने 30 जुलाई को अपना इस्तीफा दिया था, जिसे पार्टी के साथ लंबी बातचीत के बाद स्वीकार किया गया. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा छोड़ने का मतलब उनकी विचारधारा बदलना नहीं है.
पार्टी से अलग होने के बाद पूनावाला अब दोबारा निजी क्षेत्र में नौकरी करने की तैयारी में हैं. उन्होंने बताया कि वह पहले कॉरपोरेट सेक्टर में काम कर चुके हैं और अब उसी क्षेत्र में लौटेंगे. उनका कहना है कि घर चलाने के लिए नियमित आमदनी जरूरी है, इसलिए फिलहाल उनका ध्यान नौकरी पर है.
साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अब वह सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए अपनी राय पहले से ज्यादा खुलकर रखेंगे. उनका दावा है कि पार्टी से बाहर आने के बाद कई तरह की बंदिशें खत्म हो गई हैं. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनका समर्थन बरकरार रहेगा. पूनावाला ने मोदी को देश के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री बताते हुए कहा कि वह आगे भी भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के समर्थक बने रहेंगे.
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उन्होंने भाजपा को यह सलाह भी दी कि युवाओं तक पहुंचने के लिए पार्टी को उनकी भाषा, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बदलते सोशल मीडिया ट्रेंड्स को ज्यादा गंभीरता से अपनाना चाहिए. उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर उन्होंने भाजपा की बड़ी जीत का दावा भी किया.
-भारत एक्सप्रेस
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