पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)पर तृणमूल कांग्रेस सरकार ने बवाल मचाया हुआ है. बंगाल में हुए 3 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO)के मौत के बाद राजनीति और भी गर्मा गई है. मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार (25 नवंबर) को भारतीय चुनाव आयोग और भाजपा पर सीधा हमला किया. बोनगांव में आयोजित सभा में उन्होंने आरोप लगया कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था न रहकर बीजेपी कमीशन बन गया है. साथ ही भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि बंगाल में उन्हें कमजोर करने की कोशिश की गई तो वह पूरे देश में BJPकी नींव हिला देंगी.
SIR विवाद पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि “डरने की कोई जरूरत नहीं है. नरेंद्र मोदी भी 2024 की वोटर लिस्ट के आधार पर ही चुने गए थे—अगर वही सूची अमान्य है, तो उनकी चुनावी वैधता भी अमान्य होनी चाहिए. चुनाव से दो महीने पहले जानबूझकर ये सब किया जा रहा है. 2016 में, 2021 में और 2024 में भी आपने कोशिश की, लेकिन हर बार असफल रहे”.
CM ममता बनर्जी ने आगे कहा “अगर कोई कह दे कि वह बांग्लादेश से आया है और भारत का नागरिक बनना चाहता है, तो ये लोग उसे अवैध घोषित कर देंगे. वे मदद नहीं करेंगे…मैं वोट की राजनीति नहीं करती, इसलिए साफ कह रही हूं—डरिए मत. जब तक मैं हूं, कोई आपको हटाने नहीं पाएगा.”
SIR विवाद पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र और बीजेपी पर सीधा निशाना साधा. उन्होंने कहा “बिहार में आपका खेल पकड़ा नहीं गया, लेकिन हमें बेवकूफ बनाना आसान नहीं है. बंगाल को इतना कंट्रोल करने की जलन क्यों है? आप बंगाल को गुजरात बनाना चाहते हैं. लेकिन याद रखिए—गुजरात में भी बीजेपी हारेगी, इसे मेरी भविष्यवाणी मान लीजिए.” CM ममता के इस बयान से SIR को लेकर राजनीतिक घमासान और भी तेज हो गया है.
ममता के आरोपों पर बीजेपी ने जवाब देते हुए कहा कि SIR राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसका पालन 12 राज्यों में हो रहा है. बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पूरा भारत SIR लागू कर रहा है, लेकिन बंगाल में ममता इतना शोर क्यों मचा रही हैं? वजह साफ है वह पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव चाहती हैं, जो अब संभव नहीं. एक महिला का नाम पश्चिम बंगाल में आठ जगह दर्ज मिला है.
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बता दें, सीएम ममता ने सोमवार (24 नवंबर) को CEC ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर दो हालिया मुद्दों में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर पत्र साझा करते हुए आश्चर्य जताया कि क्या ये मामले एक राजनीतिक दल की मदद के लिए उठाए जा रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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