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SIR का ‘साइड इफेक्ट’? 3 हफ्तों में 6 राज्यों के 15 BLO की मौत का दावा, देश में हड़कंप!

देश के 12 राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 3 हफ्तों में 15 BLO की मौत का दावा किया गया है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि बढ़ते वर्कलोड के कारण BLO आत्महत्या कर रहे हैं और चुनाव आयोग की प्रक्रिया का BJP लाभ उठा रही है.

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देश के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराया जा रहा है. इसे पहले भारतीय चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर करवाया था, जिसके दौरान लगभग 65 लाख वोटर मतदात सूची से हटाए गए थे और 35 लाख नए वोट भी जुड़े गए थे. इस पर विपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह वोट चारी है और बीचेपी SIR को हथियार बना कर चुनाव में लड़ने आ रही है. यह एसआईआर प्रक्रिया बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कराई गई थी.

लेकिन अब 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराया जा रहा है, जिसको लेकर विपक्ष फिर से हमलावर है. कई रिपोर्ट में दावा किया गया कि एसआईआर के चलते लगभग 15 बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) ने आत्महत्या की है.

15 BLO ने किया सुसाइड

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की कवायद के दौरान अब तक 15 बीएलओ की मौत का दावा किया गया है. इनमें पश्चिम बंगाल में तीन के अलावा गुजरात और मध्य प्रदेश में चार-चार, राजस्थान में दो, केरल और तमिलनाडु में एक-एक की मौत की बात कही गई है. मध्य प्रदेश में तो बीते 24 घंटों के दौरान ही दो BLO की मौत का दावा किया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, SIR के चलते काम का तनाव काफी बढ़ गया है, जिसके कारण BLO को दिन में 18-18 घंटे काम करना पड़ रहा है. इसी भारी वर्कलोड को मौतों की वजह बताया जा रहा है.

बंगाल में SIR पर बवाल

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के मुख्यालय कृष्णनगर में बीएलओ के तौर पर काम करने वाली रिंकू तरफदार नामक एक महिला शिक्षक ने शनिवार (22 नवंबर) को आत्महत्या कर ली. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शव के पास बरामद एक सुसाइड नोट में रिंकू ने अपनी मौत के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया है. इससे कुछ दिन पहले पूर्व बर्दवान जिले के मेमारी में भी काम के कथित दबाव के कारण ब्रेन स्ट्रोक की वजह से नमिता हांसदा नामक एक बीएलओ की मौत हो गई थी. इसी तरह बुधवार (19 नवंबर) को जलपाईगुड़ी जिले के चाय बागान इलाके से शांति मुनि ओरांव नामक एक महिला बीएलओ का शव बरामद किया गया था. इन दोनों मामलों में मृतकों के परिजनों ने भारी काम के दबाव को जिम्मेदार बताया .

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी एक पोस्ट में नदिया में बीएलओ की मौत की घटना पर दुख जताते हुए सवाल किया है कि आखिर एसआईआर (SIR) और कितने लोगों की जान लेगा?

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SIR के नाम पर तफरी मचा रखी है- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक अखबार की खबर को साझा करते हुए एक्‍स पर लिखा, “SIR के नाम पर देश भर में अफरा-तफरी मचा रखी है-नतीजा? तीन हफ्तों में 16 BLO की जान चली गई. हार्ट अटैक, तनाव, आत्महत्या – SIR कोई सुधार नहीं, थोपा गया ज़ुल्म है.”

साथ ही उन्‍होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा, “ECI ने ऐसा सिस्टम बनाया है, जिसमें नागरिकों को खुद को तलाशने के लिए 22 साल पुरानी मतदाता सूची के हजारों स्कैन पन्ने पलटने पड़ें. मकसद साफ है – सही मतदाता थककर हार जाए और वोट चोरी बिना रोक-टोक जारी रहे.” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा मतदात सूची प्रक्रिया को ‘वोट चोरी’ के लिए हथियार बनाने की कोशिश कर रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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