देश

पश्चिम बंगाल के जेलों में बंद अवैध बंगलादेशी प्रवासियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

पश्चिम बंगाल के जेलों में बंद अवैध बंगलादेशी प्रवासियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा हिरासत में रखे जाने पर सवाल उठाया है. कोर्ट ने पूछा कि हिरासत में रखने के बजाए सामान्य जेल में क्यों रखा गया है. कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को दोषी ठहराए जाने के बाद भी वह पूरी सजा काट लेता है. फिर भी आप उसे जेल में रखते है.
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वकील से यह सवाल पूछा है. कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या राज्य सरकार इतना गरीब है कि उसके पास सुधार गृह या हिरासत केंद्र नही है? कोर्ट कोलकाता हाई कोर्ट द्वारा दर्ज एक स्वतः संज्ञान मामले में सुनवाई कर रही थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वालों को वापस भेजने के लिए बांग्लादेश द्वारा सत्यापन का इंतजार क्यों किया जा रहा है.
कोर्ट ने केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा है कि ऐसे मामलों में बांग्लादेश की पुष्टि की प्रतीक्षा का इंतजार क्यों किया जा रहा है. जब वे पहले ही विदेशी अधिनियम के तहत दोषी पाए जा चुके है? पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि यदि बांग्लादेशी के किसी अवैध आप्रवासी को विदेशी अधिनियम 1946 के तहत गिरफ्तार किया गया है और दोषी ठहराया गया है तो उन्हें सजा की अवधि के बाद तुरंत अपने मूल देश भेज दिया जाना चाहिए.
क्या उन्हें भारत में निरुद्ध केंद्रों/सुधार गृहों में अनिश्चित अवधि के लिए रखा जाना चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि सुधार घरों में लगभग 850 अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया गया है. साथ ही कोर्ट ने केंद्र से अवैध प्रवासियों का सटीक आंकड़ा पेश करने को कहा था. साथ ही कोर्ट ने यह भी झा था कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर हुए 12 साल बीत गए है, लेकिन आज तक इस मामले में कोई प्रगति नही हुई है.
गोपाल कृष्ण

Recent Posts

‘डिस्कवर द पावर ऑफ एक्सप्रेशन’ प्रदर्शनी में पहुंचे भारत एक्सप्रेस के CMD उपेंद्र राय, बच्चों की विशेष कलाकृति देख हुए भावुक

दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित पेंटिंग प्रदर्शनी 'डिस्कवर द पावर ऑफ एक्सप्रेशन' में भारत…

3 hours ago

दिल्ली में सजी गोपाल दास ‘नीरज’ के गीतों की महफिल, केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल चीफ गेस्ट; CMD उपेन्द्र राय ने महाकवि को यूं किया याद

SP Singh Baghel: भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क, महाकवि गोपाल दास नीरज फाउंडेशन ट्रस्ट और सोनवी…

3 hours ago

‘नागरिकों को दूसरे दर्जे का बनाने वाली प्रक्रिया मंजूर नहीं’: नालसार में SIR विवाद पर भड़के सुप्रीम कोर्ट के जज उज्ज्वल भुइयां

नालसार यूनिवर्सिटी में बोलते हुए जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि चुनाव आयोग की SIR…

3 hours ago

बाढ़ पीड़ितों के नुकसान की भरपाई, फॉर्मर आईडी…; मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा दावा

Vijay Sinha: बिहार सरकार के मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में…

3 hours ago

‘खतरे में है आम नागरिक का वोट देने का अधिकार’, पूर्व जज रोहिंटन नरीमन ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस रोहिंटन नरीमन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट…

3 hours ago

नक्सलवाद खत्म, अब नशामुक्त भारत का लक्ष्य, गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल में मध्य प्रदेश के लिए रखा बड़ा टारगेट

भोपाल में गृह मंत्री अमित शाह ने देश को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य…

4 hours ago