यू-ट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया ने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. यू-ट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया है. सीजेआई संजीव खन्ना ने वरिष्ठ वकील अभिनव चंद्रचुड़ से कहा कि मामले को जल्द सुनवाई के लिए सूचिबद्ध किया जाएगा.
रणवीर इलाहाबादिया की ओर से वरिष्ठ वकील अभिनव चंद्रचुड़ ने कहा कि एक ही घटना पर अलग-अलग राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई है. लिहाजा सभी एफआईआर को एक साथ क्लब कर दिया जाए. असम में यू-ट्यूबर रणवीर अल्लाहबाड़िया सहित पांच लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है. वही मुंबई पुलिस ने भी रणवीर इलाहाबादिया सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अपूर्व मखीजा, समय रैना और इंडिया गॉट लेटेंट के आयोजकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है.
यू-ट्यूबर रणवीर अल्लाहबाड़िया कॉमेडियन समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट शो में नजर आए थे. शो में कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है. इस आरोप में मुंबई कमिश्नर और महाराष्ट्र महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है और पत्र में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है.
यू-ट्यूबर रणवीरइलाहाबादिया और अन्य के खिलाफ जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, वे है-बीएनएस की धारा 79, धारा 186, धारा 299, धारा 296, धारा 3(5) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 67 शामिल है. दरअसल, रणवीर इलाहाबादिया द्वारा एक प्रतियोगी से ये अपमानजनक सवाल पूछे जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया, ” अपने माता-पिता को जीवन भर हर दिन सेक्स करते हुए देखना, या फिर एक बार शामिल होकर इसे हमेशा के लिए बंद कर देना.
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