बिहार सीएम नीतीश कुमार
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में अपनी एमएलसी की सदस्यता गवा चुके सुनील सिंह की ओर से दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने दोनों पक्षों से शुक्रवार तक संक्षिप्त नोट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि प्रावधानों में कुछ संतुलन की आवश्यकता है और हम ऐसा करेंगे. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विधानपरिषद उपचुनाव का परिणाम घोषित करने पर लगी रोक को बरकरार रखा है. पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि चुनाव आयोग यह सब नही कह सकता कि, जब कोई मामला लंबित हो तो चुनाव नही कराया जा सकता. वही वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने कहा था कि सुनील सिंह ने नीतीश कुमार का एक कैरिकेचर भी बनाया था. अदालत ने कहा था कि राजनीति में हास्य इसी तरह का काम करता है. जिसपर अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि आजादी में कुछ छूट है, सदन में रहते हुए अभिव्यक्ति की आजादी होती है. स्थाई निष्कासन हो जाए तो घर खाली हो जाएगा.
जिसपर कोर्ट ने कहा था कि सिंघवी अधिक अनुभव है लेकिन सम्मान और गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए. सुनील सिंह ने एमएलसी की सदस्यता रद्द करने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. सुनील सिंह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते है. सुनील सिंह पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मिमिक्री करने का आरोप है. जिसके बाद विधान परिषद से सभापति ने उनके खिलाफ लगे आरोपों के बाद बर्खास्तगी पर मुहर लगा दी थी. सुनील सिंह पर पिछली चार बैठकों में सदन में उपस्थित नही हुए थे. पांचवी में वह आये थे, लेकिन आरोपों पर कोई जवाब नही दिया था. इतना ही नही वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी करते आ रहे हैं. उनका व्यवहार भी असंसदीय और लोकतंत्र के खिलाफ है.
वही राजद एमएलसी कारी सोहैब को शीतकालीन सत्र से दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया था. बता दें कि सुनील सिंह ने 13 फरवरी 2024 को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर अभद्र टिप्पणी की. इसकी शिकायत जेडीयू के एमएलसी भीष्म सहनी ने आचार समिति के समक्ष की. विधान परिषद की आचार समिति को पूरे मामले की जांच का जिम्मा दिया गया था. आचार समिति के अध्यक्ष सह विधान परिषद के उप सभापति प्रोफेसर रामवचन राय ने सभापति को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी. जिसमें एमएलसी पर लगाए गए आरोपों को सही करार दिया था और अनुशासनात्मक कार्रवाई के अनुशंसा की थी.
ये भी पढ़ें: दिल्ली दंगों की आरोपी शिफा उर रहमान को कोर्ट ने 3 फरवरी तक दी कस्टडी पैरोल
-भारत एक्सप्रेस
CJP protest Delhi: दिल्ली में CJP प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके,…
गृह मंत्री अमित शाह ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते…
Jharkhand News: कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार को एक नाबालिग लड़की से यौन…
PM Modi on Nanaji Deshmukh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती…
Amitabh Bachchan birthday: अमिताभ बच्चन ने 1984 में राजीव गांधी के समर्थन में इलाहाबाद से…
India Pakistan Relations: विश्व बैंक ने पाकिस्तान को 'दक्षिण एशिया' से निकालकर मध्य पूर्व और…