शिफा उर रहमान को कोर्ट से कस्टडी पैरोल मिली है
दिल्ली दंगों मामले में जेल में बंद आरोपी शिफा उर रहमान को कड़कड़डूमा कोर्ट ने 3 फरवरी तक कस्टडी पैरोल दे दी है. कोर्ट ने यह पैरोल दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया है कि कस्टडी पैरोल के दौरान शिफा उर रहमान अपने आवास पर रह सकते हैं.
खुद ही उठाएगा सभी कस्टडी पैरोल की खर्च
शिफा उर रहमान ने ताहिर हुसैन की पैरोल का हवाला देते हुए अपनी पैरोल की मांग की थी. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि वह कस्टडी पैरोल के दौरान अपने घर जा सकता है. कोर्ट ने 2020 में दिल्ली दंगा की साजिश में शिफा उर रहमान की गिरफ्तारी हुई थी. ताहिर हुसैन को भी सुप्रीम कोर्ट ने छह दिनों के लिए कस्टडी पैरोल दी है. वह हर दिन 12 घंटे के लिए जेल से बाहर निकल सकते है. कोर्ट ने कहा शिफा उर रहमान अपनी कस्टडी पैरोल की सभी खर्च खुद उठाएगा, जिसमें दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की तैनाती, जेल वैन और सुरक्षा में इस्तेमाल गाड़ियों का खर्च शामिल है. शिफा उर रहमान 12 घंटे के लिए 2 लाख रुपए वहन करना है. इसके अलावे जेल का भी खर्च उसे वहन करना होगा.
दोनों को इससे पहले नामांकन दाखिल करने के लिए भी शर्तो के साथ कस्टडी पैरोल में दी गई थी. शिफा उर रहमान ओखला विधानसभा क्षेत्र से AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है. असदुद्दीन ओवैसी की ही पार्टी के नेता ताहिर हुसैन भी दिल्ली के दंगों के आरोपी है और वो चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली के चुनावी मैदान में उतर चुके है. ताहिर हुसैन को दिल्ली की मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से टिकट दिया है. शिफा उर रहमान को 26 अप्रैल 2020 को दिल्ली दंगों के दौरान साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, वह जामिया मिल्लिया इस्लामिया एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे है. उनके खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अलावा युएपीए के तहत केस दर्ज है.
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-भारत एक्सप्रेस
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