नरेंद्र मोदी. (फोटो: PIB)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (31 अगस्त) को महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय (Swift Justice) की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इससे महिलाओं को अपनी सुरक्षा का अधिक भरोसा मिलेगा. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि न्यायपालिका को संविधान का संरक्षक माना जाता है और सुप्रीम कोर्ट तथा न्यायपालिका ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है.
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की मौजूदगी में जिला न्यायपालिका के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोगों ने कभी भी सुप्रीम कोर्ट या न्यायपालिका पर कोई अविश्वास नहीं दिखाया है.
आपातकाल को एक ‘काला’ दौर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका ने मौलिक अधिकारों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर पीएम मोदी ने कहा कि न्यायपालिका ने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा की है.
कोलकाता में एक डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार और हत्या तथा ठाणे में दो किंडरगार्टन लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और बच्चों की सुरक्षा समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में जितनी तेजी से न्याय मिलेगा, आधी आबादी को अपनी सुरक्षा के बारे में उतना ही अधिक भरोसा होगा.’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए कई कड़े कानून हैं और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक न्याय प्रणाली के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की आवश्यकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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