देश

संसद में ममता बनर्जी को बड़ा झटका! TMC के 20 बागी सांसदों को मिली अलग सीट; NDA में बना नया समीकरण

NCPI Seat In Parliament: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में पिछले 15 सालों से बंगाल की सत्ता में रहने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसद अब संसद में अलग से बैठेंगे. नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने वाले 20 बागी सांसदों के बैठने के लिए सदन के स्पीकर ओम बिरला ने मंजूरी दे दी है. इसके अलावा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने काकोली घोष दस्तीदार को NCPI का चीफ व्हिप और सुदीप बंद्योपाध्याय को फ्लोर लीडर के रूप में मान्यता दी है.

मानसून सत्र में पार्टी का दिखेगा नया रूप

नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) पार्टी इस समय NDA की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है. अब संसद में अलग बैठने की मंजूरी मिलने के बाद NCPI आने वाले मानसून सत्र में अपनी नई शुरुआत करेगी.

नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के पास 20 सांसद हैं. NDA में बीजेपी के पास कुल 239 सांसद हैं. ऐसे में NCPI NDA का दूसरा सबसे बड़ा सहयोगी दल बन गया है.

TMC ने जताया विरोध

लोकसभा स्पीकर की तरफ से NCPI सांसदों के लिए संसद में अलग से बैठने की मंजूरी मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने विरोध दर्ज कराया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों को मान्यता पर सवाल खड़े किये.

क्या बोले कल्याण बनर्जी?

कल्याण बनर्जी ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के खिलाफ हमने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास दल-बदल के आधार पर अयोग्य करने की मांग संबंधी याचिकाएं दाखिल की हैं, जो कि पहले से ही लंबित है. ऐसे में TMC के बागी 20 विधायकों के लिए संसद में अलग से बैठने की व्यवस्था की मंजूरी देने से पहले उन्हें हमारी याचिका पर कार्रवाई करनी चाहिये थी.

ये भी पढ़ें- ‘चुप हैं अखिलेश, जाग चुका है मुसलमान…’ मथुरा और आजम खान के मुद्दे पर AIMIM ने सपा सुप्रीमो पर दागे तीखे तीर

उन्होंने आगे कहा कि लोकसभा स्पीकर की तरफ से TMC के बागी सांसदों को मान्यता दिया गया है, जो कि उनके उम्मीद के मुताबिक नहीं है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

बाबू जगजीवन राम: देश के इकलौते रक्षा मंत्री, जिनकी रणनीति से कांप उठा था पाकिस्तान

1971 के युद्ध में बांग्लादेश निर्माण के सूत्रधार और देश को अन्न संकट से उबारने…

1 hour ago

तिरुवनंतपुरम में ‘किंग कोहली’ का तूफान! शतक ठोक वेस्टइंडीज को उधेड़ा, भारत ने 8 विकेट से रौंदा

Virat Kohli Century: भारत ने विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल की शतकीय पारियों के…

2 hours ago

एक भाषा या ग्रंथ तक सीमित नहीं है भारतीय ज्ञान परंपरा: शंभुनाथ की पुस्तक में उजागर हुई सभ्यता की बहुरंगी अंतर्दृष्टि

शंभुनाथ की पुस्तक 'भारतीय ज्ञान परंपरा: एक सभ्यता की अंतर्दृष्टि' के आलोक में जानिए कि…

2 hours ago

जयपुर में प्रेग्नेंट लिव-इन पार्टनर की हत्या कर गार्डन में दफनाई लाश, ऊपर से डाला नमक, आरोपी फरार

Crime News: जयपुर के बिंदायका की प्रेस्टीज कॉलोनी में लिव-इन पार्टनर प्रवेश ने किरन नाम…

2 hours ago

अमित शाह की कांग्रेस को सीधी ललकार! बोले- बेतुके दावों की जगह आंकड़ों के साथ करें चर्चा

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कांग्रेस पर अपना हमला तेज…

3 hours ago

मुस्लिम पर्सनल लॉ का हवाला देकर पॉक्सो से नहीं बच सकते: नाबालिग पत्नी से संबंध पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नाबालिग पत्नी से…

3 hours ago