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बाघ का ‘सुपारी किलर’ गिरफ्तार: उदंती टाइगर रिजर्व में जहर से शिकार की खौफनाक साजिश नाकाम, शिकारियों ने उगले राज

Tiger Poaching Conspiracy: लोकेश्वर सिन्हा/गरियाबंद: जंगल का राजा ‘बाघ’ जिसे देखने के लिए हम और आप मीलों का सफर तय करते हैं और घंटों इंतजार करते हैं, उसी बाघ को खत्म करने की एक ऐसी साजिश रची गई जिसने वन विभाग से लेकर आम लोगों तक की नींद उड़ा दी है. छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की जा रही थी, जिसे एंटी पोचिंग टीम ने ऐन वक्त पर नाकाम कर दिया.

ये मामला केवल शिकार का नहीं, बल्कि एक पेशेवर ‘कॉन्ट्रैक्ट किलिंग’ जैसा है. ओडिशा के रहने वाले 7 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जो बाघ को मारने के लिए जहर और तीर-कमान का जाल बिछाकर बैठे थे.

पहाड़ियों पर कैंप और 5 दिन की घेराबंदी

वन विभाग को जैसे ही खबर मिली कि पड़ोसी राज्य ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के शिकारी सीमा पार कर टाइगर रिजर्व में घुसपैठ कर चुके हैं, विभाग ने किसी हाई-वोल्टेज थ्रिलर फिल्म की तरह ऑपरेशन शुरू किया. पिछले 5 दिनों से ओडिशा बॉर्डर से लगी दुर्गम पहाड़ियों और बीहड़ों में विशेष कैंप लगाए गए थे. टीम ने अपनी पहचान छिपाकर और जंगलों की खाक छानकर इन शिकारियों की घेराबंदी की.

बाघ मारने का ‘सुपारी किलर’ भी गया पकड़ा

9 मई को इस ऑपरेशन में पहली बड़ी सफलता हाथ लगी जब 76 साल के रमन हेरना को दबोचा गया. बुजुर्ग शिकारी के पास से चीतल के सींग मिले. लेकिन जब पूछताछ शुरू हुई, तो जो सच सामने आया उसने सबको चौंका दिया. रमन ने खुलासा किया कि उसने बाघ की खाल के लिए बाकायदा एक व्यक्ति को ‘कॉन्ट्रैक्ट’ दिया था. योजना थी कि बाघ को जहर देकर या तीर-कमान से मारकर उसकी खाल निकाली जाए.

नदी के पानी में घोला जहर

जांच की कड़ियां जुड़ीं और 10 मई को टीम ने कटफाड़ गांव के 6 अन्य आरोपियों को रानीबरझोला नाला के पास रंगे हाथों पकड़ लिया. ये आरोपी वन्यजीवों के विचरण क्षेत्र में नाले के पानी को जहरीला बना रहे थे ताकि प्यास बुझाने आए बाघ या अन्य जानवर उसकी चपेट में आ जाएं. मौके से जहर की शीशियां, मरी हुई मछलियां और केकड़े बरामद किए गए हैं. गिरफ्तार आरोपियों बुधराम, अनंतराम, मनलाल, दिगसन, धनु और मधुराम को फिलहाल 14 दिन की जेल भेज दिया गया है.

हाई-टेक निगरानी

इस घटना के बाद पूरे टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट घोषित है. अब जंगल की रखवाली केवल जवानों के भरोसे नहीं, बल्कि ‘थर्मल ड्रोन’ के जरिए की जा रही है ताकि अंधेरे में भी शिकारियों की हरकतों पर नजर रखी जा सके. पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने जब्त जहर को रायपुर लैब भेजा है ताकि साजिश की पूरी गहराई का पता लगाया जा सके.

ये भी पढ़ें: इस खतरनाक मैकेनिक से हो जाए सावधान, दिल्ली वालों की उड़ाई नींद; जानें क्या है पूरा मामला

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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