Maharashtra News
Maharashtra News: टूट कर जर्रा-जर्रा बिखरने की कगार पर खड़ी शिवसेना (यूबीटी) को बचाने के लिए उद्धव ठाकरे अंतिम प्रयास कर रहे हैं. अब बात यहां तक पहुंच गई है कि वो पार्टी पर अपने कमान से पीछे हटने के लिए भी तैयार हैं. दरअसल शुक्रवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगता है कि वो पार्टी के प्रमुख पद के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं, तो फिर वो पद छोड़कर पीछे हटने के लिए तैयार हैं.
उद्धव ठाकरे ने किसी अन्य योग्य व्यक्ति को शिवसेना अध्यक्ष बनाने के लिए भी अपनी स्वीकृति दे दी है. उन्होंने कहा कि मैं संघर्ष के मैदान से पीछे हटने वालों में से नहीं हूं, लेकिन अगर जिस दिन आपको लगे कि मैं इस जिम्मेदारी को सही से निभा नहीं पा रहा, मैं उसी दिन पद को छोड़ दूंगा.
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए साफ कहा कि तमाम राजनीतिक चुनौतियों और पार्टी में हुई टूट के बावजूद उनका हौसला कमजोर नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता होगा कि इन घटनाओं के बाद वह पीछे हट जाएंगे, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा.
उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन तोड़वा’ का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग उन्हें आदेश देने की बात करते हैं, लेकिन वह ऐसे दबाव में आने वाले नहीं हैं. उन्होंने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को याद करते हुए कहा कि बालासाहेब पहले ही कह चुके थे कि जो लोग पार्टी के साथ विश्वासघात करें, उन्हें राजनीतिक रूप से जवाब दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की ताकत और सफलता का आकलन चुनावी नतीजों से होना चाहिए. इस दौरान उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री इंद्रजीत गुप्ता का भी जिक्र किया. उद्धव ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने उनसे कहा था कि उन्हें सत्ता का कोई मोह नहीं है और सरकार चली भी जाए तो उन्हें इसकी परवाह नहीं है.
कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर भी उद्धव ठाकरे ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि शिवसेना 30 साल तक भाजपा के साथ रही, लेकिन कभी उसमें विलय नहीं हुई. ऐसे में कांग्रेस में विलय होने की बातें पूरी तरह निराधार हैं. उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में भाजपा खुद शिंदे गुट की वजह से परेशान है.
उद्धव ने कहा कि अतीत में कांग्रेस और शिवसेना के बीच वैचारिक मतभेद जरूर रहे, लेकिन कांग्रेस ने कभी ‘मातोश्री’ का अपमान नहीं किया. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने अपने किए हुए वादों को निभाया है.
भाजपा पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर शिवसेना का समर्थन नहीं मिला होता तो भाजपा बहुत पहले ही राजनीतिक रूप से खत्म हो गई होती. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि उन्हें लगता है कि वह शिवसेना प्रमुख पद के योग्य नहीं हैं तो वह पद छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ेंगे.
-भारत एक्सप्रेस
Om Prakash Rajbhar: ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से कहा…
PM Modi Diwali Locations: पीएम मोदी की 2014 से 2026 तक की दीवाली यात्रा की…
PM Modi Diwali Celebration: पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा देश और दुनिया के…
Anti Hindu Racism In USA: अमेरिका के सिएटल में दिवाली मना रहे हिंदुओं के कार्यक्रम…
Anant Singh News: अनंत सिंह की बेटी की शादी में पीएम मोदी और नीतीश-लालू को…
Indresh Kumar slams Sonia Gandhi book: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार…