UP ATS
UP ATS ने एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम देते हुए देशविरोधी कार्यों में लिप्त अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह रोहिंग्या, बांग्लादेशी और अन्य विदेशी नागरिकों को फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र जैसे दस्तावेज आधार कार्ड आदि मुहैया कराता था. यूपी एटीएस ने इस नेटवर्क से जुड़े मुख्य सरगना सहित कुल 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया हैं. इनमें से तीन सदस्य आजमगढ़ के रहने वाले हैं.
यूपी एटीएस को पिछले 1 महीने से लगातार सूचना मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, गोरखपुर, कुशीनगर, सहारनपुर, औरैया, मऊ, पश्चिमी बंगाल के मुर्शिदाबाद, बिहार के लखीसराय, कटिहार और NCR के कुछ जनसेवा केंद्रों में अवैध तरीके से कूटरचना के जरिए भारतीय पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं जो रोहिंग्या, बांग्लादेशी और अन्य विदेशी नागरिकों से अच्छे पैसे लेकर दिए जा रहे हैं. ये गिरोह वीपीएन और रिमोट सिस्टम का भी इस्तेमाल करते थे और काफी अच्छा पैसा लेकर पासपोर्ट तक बनवा देते थे.
ये गिरोह फर्जी दस्तावेजों से आधार कार्ड, कूटरचित जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और शपथ पत्र तैयार कराने का भी बड़े स्तर पर कार्य कर रहा था. ये जालसाज बांग्लादेशियों और रोहिंग्या अन्य विदेशी नागरिकों की घुसपैठ कराने के काम में भी लगे हुए थे. घुसपैठ के बाद ये घुसपैठिए विदेशियों का कूटरचित आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि बनाकर उनको अवैध तरीके से भारतीय नागरिकता संबंधी दस्तावेज मुहैया करा रहे थे. इसके एवज में इनको बड़ी रकम मिल जाती थी.
UP ATS ने इनके बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के बाद यूपी के 10 जिलों में कड़ी कार्यवाही करते हुए एक साथ छापेमारी की, जिसमें कुल 8 आरोपियों को धर दबोचा. एटीएस ने इनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, फिंगर स्कैनर, 20 लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी भारतीय दस्तावेज और बने हुए सैकड़ों आधारकार्ड बरामद किये हैं.
यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद नसीम, मोहम्मद शाकिब और विशाल कुमार को आजमगढ़ से, हिमांशु राय को मऊ से, सलमान अंसारी को गाजियाबाद से, गौरव कुमार को औरैया से, राजीव तिवारी को गोरखपुर से, मृत्युंजय गुप्ता को घोषी मऊ से हैं.
यूपी एटीएस को इन गिरफ्तारियों के बाद आरोपियों से प्रारंभिक पूंछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं जो देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े हुए हैं. एटीएस को अभी इनसे गहन पूंछताछ करनी बाकी है इसलिए वह न्यायालय में पुलिस कस्टडी के लिए अनुरोध करेगी जिससे इस देश विरोधी गतिविधियों में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों का भी खुलासा हो सके.
UP ATS को शुरुआती जांच में पाया है कि इस गिरोह के साथ कई सफेदपोश भी शामिल हैं और कुछ सरकारी सेवाओं में कार्यरत कर्मियों के नाम भी सामने आ रहे हैं. शुरुआती धर पकड़ में अभी तो सिर्फ 8 सदस्य पकड़े गए हैं , जबकि एटीएस कर्मियों के मुताबिक अभी सैकड़ों लोग इस अवैध कार्य में जुड़े हुए हैं जिनमें इन विदेशियों से संपर्क करने वाले, बड़ी रकम को इन जालसाजों तक पहुंचाने वाले सहित इस अवैध कार्य से जुड़ी तमाम कड़ियों को खोलने के लिए यूपी एटीएस को काफी मेहनत करनी पड़ेगी.
इस धर पकड़ के बाद देश की कई बड़ी एजेंसियां भी गिरोह के पीछे जांच पड़ताल में लग गई हैं. एटीएस को यह भी जानकारी मिली है कि भारी संख्या में विदेशी नागरिक भारत में अवैध तरीके से कूटरचित दस्तावेजों के जरिए फर्जी नागरिकता लेकर रह रहे हैं.
–भारत एक्सप्रेस
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