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UP News: आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में उत्तर प्रदेश नंबर 1, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य कर्मियों को दी बधाई

Ayushman Card:  विकास की ओर तेजी से बढ़ रहे उत्तर प्रदेश ने एक और उपलब्धि हासिल की है. दरअसल, आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) बनाने के मामले में पूरे देश में यूपी नम्बर वन बन गया है. राज्य की इस बड़ी उपलब्धि के बाद डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक का बयान सामने आ रहा है, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि ये स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत का नतीजा है.

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि यूपी में अब तक 3.71 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं. पिछले दिनों आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में उत्तर प्रदेश ने अपने पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया था. मात्र एक दिन में 6.42 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए थे. इसके बाद इस रिकार्ड को तोड़ा गया और एक दिन में 6.63 लाख कार्ड बनाए गए. उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी पूरी मेहनत और लगन के साथ काम कर रहे हैं. ब्रजेश पाठकन ने कहा कि अभियान के सकरात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं. उन्होंने अपने बयान में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा है कि इस अभियान को थमने नहीं देना है. सभी पात्र परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है. इसी के साथ उन्होंने इस अभियान से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी.

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मुफ्त इलाज के लिए है आयुष्मान कार्ड

बता दें कि प्रदेश के जरुरतमंदों को मुफ्त में इलाज मिल सके, इसके लिए यूपी के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लगातार आयुष्मान के पात्र लोगों की पहचान कर उनका कार्ड बनाने में जुटे हैं और अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ रहे हैं. नतीजतन पूरे भारत में यूपी सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाने वाला राज्य बन गया है.

5 लाख तक मिलेगा मुफ्त इलाज

मालूम हो कि आयुष्मान योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई है. इसके तहत मरीज पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज करा सकते हैं. बड़ी बात ये है कि ये आयुष्मान कार्ड सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी मान्य है. इस योजना के तहत जिन प्राइवेट अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है, उसमें जाकर मरीज अपना इलाज करा सकते हैं. गौरतलब है कि इस योजना के तहत वर्तमान में कैंसर, ह्दय रोग, किडनी समेत दूसरी जटिल बीमारियों से पीड़ितों लोगों को बिना किसी रूकावट के इलाज उपलब्ध हो रहा है. वहीं इस योजना से सरकार अधिक से अधिक प्राइवेट अस्पतालों को जोड़ने का अभियान चला रही है ताकि किसी भी जटिल बीमारी की सुविधा मरीज को उसके घर के पास ही मिल सके.

-भारत एक्सप्रेस

 

Archana Sharma

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