देश

वक्फ संशोधन विधेयक पेश करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, संसद भवन पर भी किया गया था वक्फ का दावा

Waqf Amendment Bill: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया. इस दौरान उन्होंने विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि इस बिल पर अब तक 97 लाख से अधिक याचिकाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 284 डेलिगेशन ने कमेटी के सामने अपने सुझाव दिए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी याचिकाओं पर ध्यानपूर्वक विचार किया है और वह उम्मीद करते हैं कि बिल का विरोध कर रहे लोग इसे अब समर्थन देंगे.

किरेन रिजिजू ने 2013 में यूपीए सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड को दिए गए अधिकारों पर भी सवाल उठाया. उन्होंने बताया कि उस समय वक्फ बोर्ड के आदेश को सिविल अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती थी, जिससे कई संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित किया गया था, जिनमें संसद भवन और एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण इमारतें भी शामिल थीं. रिजिजू ने कहा कि अगर यह संशोधन नहीं लाया जाता तो संसद भवन पर भी वक्फ संपत्ति का दावा किया जा सकता था.

विपक्षी विरोध और कांग्रेस की आपत्ति

विधेयक पेश होते ही विपक्षी दलों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उन्हें विधेयक की प्रति देर से मिली, जिससे समीक्षा के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिला. कांग्रेस के नेताओं ने सरकार पर जल्दबाजी में विधेयक पेश करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष को इस पर चर्चा का मौका नहीं दिया गया.

कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने भी इस पर अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि जेपीसी ने आवश्यक विचार-विमर्श नहीं किया और सरकार का उद्देश्य एक ऐसा कानून पेश करना था, जो असंवैधानिक और अल्पसंख्यक विरोधी हो.

वक्फ एक्ट का इतिहास और सुधार की आवश्यकता

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वक्फ एक्ट का इतिहास बहुत पुराना है, और 1995 में वक्फ ट्रिब्यूनल का प्रावधान किया गया था, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति वक्फ बोर्ड के निर्णय के खिलाफ अपील कर सकता था. रिजिजू ने इस दौरान यह भी बताया कि अगर वक्फ संपत्ति से 5 लाख रुपए से अधिक की आय होती है, तो सरकार उसकी निगरानी के लिए एक कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करती है. उन्होंने कहा कि वक्फ एक्ट में ये सुधार जरूरी थे ताकि इसमें और पारदर्शिता लाई जा सके.

विधेयक के विरोध में सदन में हंगामा

विधेयक पेश होते ही लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने विरोध जताया, और सदन में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई. विपक्ष ने आरोप लगाया कि विधेयक को जल्दीबाजी में पेश किया गया और इसका प्रभावी रूप से अध्ययन करने का अवसर विपक्ष को नहीं दिया गया. कांग्रेस के नेताओं ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की और विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की.


इसे भी पढ़ें- वक्फ संशोधन बिल पर अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, कहा- हमारी समिति चर्चा करती है, कांग्रेस की समिति सिर्फ ठप्पा लगाती थी


-भारत एक्सप्रेस

Ashutosh Kumar Rai

आशुतोष कुमार राय, भारत एक्सप्रेस के साथ बतौर सब एडिटर जुड़े हैं और करीब 7 वर्ष से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले आशुतोष, पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं. क्रिकेट, लाइफस्टाइल और राजनीति में खास दिलचस्पी है. देश-दुनिया और राजनीति की लेटेस्ट खबरों, विश्लेषण, इनसाइड स्टोरी और अपडेट्स के लिए आशुतोष को फॉलो करें… X Account: @AshuRai208

Recent Posts

Dhanteras 2026: धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं नई चीजें? जानें खरीदारी का मुहूर्त और ‘यम दीप’ की मान्यता

Dhanteras kab hai: धनतेरस न केवल भौतिक वस्तुओं की खरीदारी का, बल्कि आरोग्य और सुरक्षा…

1 hour ago

बिहार में एनडीए सरकार का एक वर्ष: 21 नवंबर को वैशाली के दौरे पर आ सकते हैं पीएम मोदी, बड़े उत्सव की तैयारी

20 नवंबर को बिहार में एनडीए सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो रहा…

7 hours ago

मध्य प्रदेश में 63,296 करोड़ से बनेंगे 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, 1,398 KM का आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार

MP Greenfield Corridor: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में 63,296 करोड़ रुपये की…

7 hours ago