देश

इंदौर बना अंतरराष्ट्रीय मंच, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स समिट में 35 देशों की भागीदारी

मध्य प्रदेश के इंदौर में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स अवॉर्ड समिट का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. द पार्क, इंदौर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय समारोह में 35 देशों से आए प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए वैश्विक सहयोग और एकता का संदेश दिया गया.

हस्तियों का जमावड़ा

समिट में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता, एएलएमए और वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संस्थापक एवं सीईओ तथा साउथ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन संतोष शुक्ला मौजूद रहे. उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को मजबूती दी.

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण यूनाइटेड किंगडम के पांच बार सांसद रहे और लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरेन्द्र शर्मा को विशेष सम्मान प्रदान करना रहा. उन्हें ब्रिटेन की राजनीति में 50 वर्षों की उल्लेखनीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया. वह पिछले एक दशक से वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संरक्षक भी रहे हैं.

समारोह में स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से विल्हेम जेजलर और पूनम जेजलर, जो वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के संरक्षक हैं, की उपस्थिति ने कार्यक्रम की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया. इसके अलावा प्रोफेसर एवं अंतरराष्ट्रीय कवि राजीव शर्मा, नेपाल से दिल सागर कटवाल और लंदन से सॉलिसिटर सुशील गायकवाड़ सहित कई विशिष्ट हस्तियों ने भी भाग लिया.


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इन हस्तियों को किया सम्मानित

समारोह के दौरान कई प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें पद्म विलोचन शुक्ला (आईपीएस), पुलिस अधीक्षक (रेल) इंदौर, कीर्ति किरण पुजार (आईएएस), धाराशिव, अश्विनी अनिल राव लाथकर, शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), जिला परिषद छत्रपति संभाजीनगर, एडीसीपी राजेश डंडोतिया और गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट के चेयरपर्सन संजय अग्रवाल शामिल रहे.

इस समिट ने विश्व स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय एकता, सहयोग और श्रेष्ठता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सशक्त किया.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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