गुजरात में चुनाव प्रचार करते सीएम योगी
Gujarat Elections: गुजरात में विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी तापमान चढ़ना शुरू हो गया है. बीजेपी अपने फायरब्रांड चेहरों के जरिए हवाओं के रुख को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है. गुजरात चुनाव में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की डिमांड जबरदस्त है, वजह योगी का दमदार गवर्नेंस मॉडल. बीते कुछ दिनों में सीएम योगी की गुजरात में धुआधार रैलियां हुई. केंद्र में मोदी और राज्यों में कड़क योगी ब्रांड गवर्नेंस के डबल इंपैक्ट के साथ बीजेपी मैदान मारने की तैयारी में है.
गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से डिमांड में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) हैं. गुजरात में योगी के आक्रामक चुनाव प्रचार के ज़रिए बीजेपी चुनावी घमासान में दोबारा सत्ता हासिल करने की कोशिश में जुटी है.
हिंदुत्व, कानून-व्यवस्था और विकास के साथ ही तुष्टीकरण की सियासत का सीधा दांव सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) की राजनीतिक धारा का सबसे मजबूत पक्ष रहा है. इसके साथ ही पीएम मोदी के विजन को जमीन पर उतारने में योगी सरकार अन्य राज्यों की तुलना में आगे रही है. असल मुद्दा है योगी ब्रांड के चुनावी असर का, जो पिछले कई चुनावों में बेहद दमदार दिखता रहा है.
साल 2017 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में योगी ब्रांड बेहद दमदार साबित हो चुका है. 2017 में सीएम योगी ने 35 विधानसभा सीटों को कवर किया था. इसमें से 20 सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों की जीत हुई थी. योगी का मॉडल अब और विस्तार लेते हुए गवर्नेंस का एक अचूक मॉडल साबित हो चुका है. यही वजह है कि गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपने फॉयर ब्रांड और बेहद असरदार चेहरे पर भरोसा कर रही है. गुजरात में पीएम मोदी के बाद मुख्यमंत्रियों में सबसे ज्यादा डिमांड सीएम योगी की रही है.
ये भरोसा सीएम योगी के स्ट्राइक रेट को लेकर है. साल 2018 में त्रिपुरा में 09 सीटों पर सीएम योगी ने चुनाव प्रचार किया था, जिसमें से 08 सीटों पर जीत मिली थी. साल 2018 में ही कर्नाटक में सीएम योगी ने 33 सीटों पर प्रचार किया थ, और 18 पर जीत हुई. इसी साल यानी 2018 में ही राजस्थान में सीएम योगी ने 26 सीटों पर प्रचार किया, और 26 सीटों पर जीत दर्ज हुई.
छत्तीसगढ़ में योगी ने 17 सीटों पर प्रचार किया था, 08 सीटों पर जीत हुई. तो 2018 में मध्यप्रदेश के 30 से ज्यादा सीटों पर सीएम योगी ने प्रचार किया था. जिसमें से 17 सीटों पर जीत हुई. इसी तरह सीएम योगी ने महाराष्ट्र की 35 सीटों पर प्रचार किया था, जिसमें से 23 सीटों पर जीत मिली. जबकि 2019 में ही हरियाणा में योगी ने कुल 09 रैलियां की थीं, जिसमें के 05 पर जीत जीत हुई.
योगी का गवर्नेंस मॉडल सिर्फ कानून-व्यवस्था और करप्शन के खिलाफ ही अचूक साबित नहीं हुआ है. बल्कि कई राज्यों में इस मॉडल को अपनाने की आवाज लोगों के बीच उठी है. योगी के दूसरे कार्यकाल में बुलडोजर एक्शन भी चर्चा में रहा है. अब गुजरात में बीजेपी के लिए योगी की डिमांड बढ़ी है तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या योगी अपना स्ट्राइक रेट बरकरार रख पाते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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