तेलंगाना और केंद्र के बीच मेडिकल कॉलेजों को लेकर तनातनी

तेलंगाना की टीआएस सरकार में मंत्री के.टी रामा राव (केटीआर) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के बीच तनातनी शुरू हो गयी है..दोनों ट्वीटर वॉर में उलझ रहे हैं… तेलंगाना सरकार में आईटी और उद्योग मंत्री केटी रामाराव ने इस जुबानी जंग की शुरुआत रविवार को अपने एक ट्वीट से की थी, जिसमें उन्होने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, केंद्र सरकार ने तेलंगाना राज्य में अब तक एक भी मेडिकल कॉलेज को मंजूरी नहीं दी है. केटीआर ने अपने इस ट्वीट में लिखा था कि, मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने तेलंगाना राज्य में 16 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी है. जबकि 13 अन्य मेडिकल कॉलेजों पर तेजी से काम चल रहा है. उन्होने प्रधानमंत्री मोदी को घेरते हुए लिखा कि, अब मैं आपको बताता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने तेलंगाना को कितने मेडिकल कॉलेज मंजूर किए हैं। इसका जवाब है जीरो।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने के.टी रामा राव पर किया पलटवार

तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव के बेटे और मंत्री केटी रामा राव के प्रधानमंत्री मोदी पर मेडिकल कॉलेजो को लेकर किए गए ट्वीट पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने पलटवार किया. उन्होंने अपने ट्विट में लिखा, “आपकी तेलंगाना राज्य सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेजों के लिए कितने प्रस्ताव भेजे गए हैं ,मतलब ‘जीरो”। मंडाविया ने आगे कहा कि प्रधान मंत्री मोदी ने कम से कम समय में सबसे अधिक सरकारी मेडिकल कॉलेजों को बिना किसी “पक्षपात के उन प्रदेशों में मंजूरी दी है जिन्होंने प्रस्ताव दिया था.”

के.टी रामा राव ने मंडाविया के ट्वीट पर दिया जवाब

केंद्र सरकार के समर्थन में किए गए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के ट्वीट पर तेलंगाना के मंत्री के.टी रामा राव ने उन्हे जवाब देते हुए अपने ट्वीटर अकाउंट पर लिखा कि, “मनसुख जी, काश: आपने जवाब देने से पहले एक समीक्षा की होती. 2015 और 2019 से तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्रियों के अनुरोधों के लिए आपके पूर्ववर्तियों की प्रतिक्रियाएं संलग्न हैं, तेलंगाना सरकार ने लगातार मेडिकल कॉलेजों के लिए अनुरोध किया है, लेकिन तथ्य यह है कि आपकी सरकार ने शून्य दिया है.” केटीआर ने अपने इस ट्वीट पर आगे कहा कि, “इससे पहले कि आप जवाब दें, मैं आपको यह भी याद दिला दूं कि आपकी सरकार एम्स बीबीनगर एम्स में 544 रिक्त पदों को भरने में भी विफल रही है, जिसे यूपीए सरकार के दौरान स्वीकृत किया गया था और तथ्य यह नहीं है कि एनपीए सरकार द्वारा एक शैक्षणिक संस्थान को मंजूरी नहीं दी गई थी, न ही आपके विभाग द्वारा और न ही एचआरडी द्वारा.”

केटीआर के इस ट्वीट पर मंडाविया ने किया जवाबी हमला

केटीआर को ट्वीटर पर जवाब देते हुए मनसुख मंडाविया ने अगस्त 2019 में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ड़ॉक्टर हर्षवर्धन द्वारा तेलंगाना से किये गये संवाद को पोस्ट किया, जिसमें तेलंगाना के दो जिलों में मौजूदा जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों में अपग्रेड करने के लिए राज्य सरकार के अनुरोध पर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया था. मंडविया ने दिसंबर 2021 में संसद में दिए गए जवाब को भी अपने ट्वीट में अटैच करते हुए लिखा… .”पूरे सम्मान के साथ, कृपया मेरे पूर्ववर्ती के पत्र के तीसरे पैरा और हाल ही में संसद में दिए गए उत्तर को पढ़ें। यह समझने की कोशिश करें कि केंद्र ने हमेशा तेलंगाना राज्य से योजना के अनुसार डीपीआर के साथ एक औपचारिक प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया है.”

 

 

Bharat Express Desk

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