नई दिल्ली- पाकिस्तान में सदी की सबसे भयानक बाढ़ से 70 फीसदी मुल्क पानी में डूबा हुआ है..चारों ओर हाहाकार मचा है.. रिपोर्टों के मुताबिक भारी बारिश की वजह से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने 1,000 से अधिक लोगों की जान ले ली और 10 लाख बेघर हो गए। जिससे पाकिस्तान जैसे देश में बाढ़ ने लगभग 3.3 करोड़ लोगों के जनजीवन को प्रभावित किया है। बाढ़ का आलम यह है कि इमारतें, सड़कें, रेलवे पटरियां और पुल के साथ साथ पाकिस्तान का बड़ा भू-भाग जलमग्न हो गया है..
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार देश में 1961 के बाद से इस साल सबसे अधिक बारिश हुई है।बाढ़ के पानी ने देश में एक बड़ा मानवीय संकट पैदा कर दिया है। जिसको देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय मदद के लिए आगे आया है और विभिन्न देशों से सहायता मिलनी शुरू हो गई है।
सीवोटर-इंडियाट्रैकर ने भारत द्वारा पड़ोसी देश को सहायता प्रदान करने के बारे में लोगों की राय जानने के लिए एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण कराया..जिसमें लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है…सर्वेक्षण के दौरान, 43 प्रतिशत लोगों ने कहा कि भारत को पाकिस्तान की उसी तरह सहायता प्रदान करनी चाहिए जैसे उसने एक अन्य पड़ोसी देश श्रीलंका के संकट की स्थिति में की थी, जबकि 57 प्रतिशत लोगों ने इस पर असहमति जताई। वहीं, 47 फीसदी शहरी लोगों और 40 फीसदी ग्रामीणों ने राहत सामग्री और सहायता भेजने के पक्ष में बात कही..
विशेष रूप से, सर्वेक्षण के दौरान, 18-24 वर्ष की एक आयु वर्ग अनुपात 56 प्रतिशत और 55 वर्ष से अधिक आयु के 56 प्रतिशत लोगों ने पाकिस्तान को सहायता प्रदान करने के पक्ष में अपने विचार व्यक्त किए। वहीं 25-34 वर्ष आयु वर्ग के उत्तरदाताओं का 56 प्रतिशत और 35-44 वर्ष के आयु वर्ग के 58 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इसके खिलाफ बात की।
पाकिस्तान में बाढ़ की त्रादसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता व्यक्त की हैं..प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पाकिस्तान हुई तबाही को देखकर दुख हुआ। हम पीडि़तों, घायलों और इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित सभी लोगों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं और सामान्य स्थिति की जल्द बहाली की उम्मीद करते हैं।
पाकिस्तान में आई बाढ़ पर चिंता जताने और संवेदना व्यक्त करने पर पाक के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने समकक्ष भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। शहबाज शरीफ ने ट्वीट करते हुए लिखा कि – मैं बाढ़ के कारण हुए मानवीय और भौतिक नुकसान पर शोक व्यक्त करने के लिए भारतीय पीएम नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देता हूं।
पाकिस्तान में विनाशकारी बाढ़ से हालात बेहद खराब हैं। पाकिस्तान में बाढ़ ने देशभर में हजारों एकड़ फसलों को नष्ट कर दिया है। नतीजतन सब्जियों और फलों की कीमतें आसमान छू रही हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान में भारत के साथ व्यापार मार्ग खोलने की मांग जोर पकड़ रही है। चूंकि शहबाज शरीफ की सरकार ने अभी तक भारत से सब्जियों और फलों के आयात पर निर्णय नहीं लिया है, इसलिए पाकिस्तान के व्यापार संगठन भारत से प्याज और टमाटर जैसी जरूरी सब्जियों को आयात करने बात कर रहे हैं।
भारत से खाद्य वस्तुओं के आयात का विचार सबसे पहले वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए रखा था। हालांकि, इस्माइल ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान की सरकार भारत से खाद्य पदार्थों के आयात पर गठबंधन के अन्य सहयोगियों एवं प्रमुख हितधारकों से रायशुमारी करेगी। फैसलाबाद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष आतिफ मुनीर ने बीते गुरुवार को सरकार से सब्जियों की आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए तेजी से कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
-भारत एक्सप्रेस/आईएएनएस
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