सीबीआई ने केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के एक बर्खास्त कांस्टेबल के खिलाफ, जो पहले राजस्थान के कोटा में तैनात था, मामला दर्ज किया है. एक अधिकारी ने बताया है कि चार साल पहले धोखाधड़ी और पहचान की जालसाजी के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए प्राथमिकी दर्ज की है. हवलदार मोहम्मद जाकिर हुसैन, जिन्हें अब बर्खास्त कर दिया गया है, पर आपराधिक षडयंत्र, छद्मवेश, जालसाजी, धोखाधड़ी और लोक सेवक द्वारा कर्तव्य के बेईमानी से अनुचित लाभ प्राप्त करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.
पटना निवासी हुसैन तब जांच के घेरे में आए जब अधिकारियों ने शिकायत की कि भर्ती परीक्षा के कई चरणों में उनके अंगूठे के निशान बदले हुए पाए गए. 2021 में कथित धोखाधड़ी वाली भर्ती प्रक्रिया में अज्ञात एसएससी अधिकारियों और परीक्षा संचालन प्राधिकारी की आपराधिक संलिप्तता का भी संदेह है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित सीबीआई आयुक्त दिनेश बौद्ध ने हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए 4 सितंबर को सीबीआई को एक लिखित शिकायत दी.
सीबीआई की प्राथमिकी में कहा गया है, “आरोप है कि मोहम्मद जाकिर हुसैन के अंगूठे के निशान परीक्षा के विभिन्न चरणों के दौरान परीक्षार्थी के अंगूठे के निशानों से भिन्न और एक जैसे नहीं पाए गए.” पुलिस उप महानिरीक्षक (भ्रष्टाचार निरोधक शाखा जयपुर) मनीषा चौधरी द्वारा अनुमोदित प्राथमिकी में कहा गया है, “सीबीएन से प्राप्त दस्तावेजों के अवलोकन से सामने आए तथ्य और परिस्थितियां मोहम्मद ज़ाकिर हुसैन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (सहित धारा 419, 420, 468, 471) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7 के तहत आपराधिक अपराधों का खुलासा करती हैं.”
बर्खास्त कांस्टेबल के खिलाफ प्राथमिकी सीबीएन आयुक्तालय के निरीक्षक प्रदीप के खिलाफ इसी तरह की शिकायत दर्ज होने के एक दिन बाद दर्ज की गई थी. सीबीआई ने 4 सितंबर को शिकायत मिलने के बाद 11 सितंबर को निरीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की. हरियाणा के पानीपत निवासी निरीक्षक प्रदीप पर कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) संयुक्त स्नातक परीक्षा-2019 में धोखाधड़ी करके नौकरी पाने का आरोप है.
सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में इंस्पेक्टर प्रदीप पर आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी, धोखाधड़ी और लोक सेवक द्वारा कर्तव्य के बेईमानी से निर्वहन के लिए अनुचित लाभ प्राप्त करने का भी आरोप लगाया गया है.
सीबीआई की प्राथमिकी में कहा गया है, “यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रदीप के अंगूठे के निशान परीक्षा के विभिन्न चरणों के दौरान परीक्षार्थी के अंगूठे के निशानों से भिन्न और एक जैसे नहीं पाए गए. इस अवैध और धोखाधड़ी वाली भर्ती प्रक्रिया में एसएससी और परीक्षा संचालन प्राधिकरण के अज्ञात अधिकारियों की आपराधिक संलिप्तता का अत्यधिक संदेह है.”
ये भी पढ़े: “आप हमें अपनी भाषा में पत्र लिखिए, हम उसी में जवाब भी देंगे”, अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में बोले अमित शाह
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग के मौके पर अनंत अंबानी की स्पीच सुनकर…
Jio Platforms Listing: मुकेश अंबानी की जियो के शेयरधारकों की संख्या 104 से बढ़कर 79.6…
IND vs NZ T20: ईशान किशन की वापसी पर वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग XI में…
PM Kisan 24th Kist: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा से…
दिवाली से ठीक पहले केंद्र सरकार ने 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को…
Cuba US Sanctions UN Vote: संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा पर अमेरिकी आर्थिक और व्यापारिक…