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शर्मिष्ठा मुखर्जी ने माना पीएम मोदी का लोहा; बोलीं- ‘मोदी के नाम पर मिला था जनादेश, गांवों तक पहुंचाई डिजिटल क्रांति’

Sharmistha Mukherjee’s Statement: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनकी नीतियों की जमकर सराहना की है. उन्होंने वैश्विक संकटों के दौर में केंद्र में एक मजबूत, स्थिर और निर्णायक सरकार देने के लिए पीएम मोदी को एक बेहद मजबूत प्रधानमंत्री बताया है.

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने बीते 12 वर्षों में देश को एक मजबूत और स्थिर सरकार देने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने यूपीए जैसी पूर्ववर्ती गठबंधन सरकारों के फैसलों में हिचकिचाहट का उदाहरण देते हुए कहा कि वैश्विक अस्थिरता के मौजूदा दौर में भारत को ऐसी ही निर्णायक सरकार की जरूरत थी. इसके साथ ही उन्होंने देश के दूर-दराज के गांवों तक पहुंचे ‘डिजिटल इंडिया’ और ऑनलाइन पेमेंट की क्रांति को मोदी सरकार की एक बहुत बड़ी और प्रशंसनीय उपलब्धि बताया.

पीएम मोदी ने कहा,

‘भारत में 2014, लोकसभा के इतिहास में बहुत ही अनोखा रहा. राजनीति में, खासकर कांग्रेस पार्टी में यह देखते हैं कि चुनावों के बाद सदन के नेता का चयन किया गया. इसके बाद सभी राष्ट्रपति से मिलने जाते हैं और सरकार बनाने का दावा पेश करते हैं. शायद यह पहली बार था, जब नरेंद्र मोदी पहले से घोषित प्रधानमंत्री उम्मीदवार थे. लोगों को पता था कि भाजपा चुनाव जीतेगी तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजनीति में एक हिसाब से नया चेहरा थे.’

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने आगे कहा, ‘यह जनादेश सिर्फ भाजपा का जनादेश नहीं था, बल्कि नरेंद्र मोदी के नाम पर भी था. देश की जनता यह जानती थी कि भाजपा को वोट देंगे तो नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे. यह एक बहुत ही अनोखी स्थिति थी.’

उन्होंने केंद्र में स्थिर सरकार को लेकर भी पीएम मोदी की प्रशंसा की. शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा, ‘पीएम मोदी 12 सालों में देश को बहुत ही सशक्त और स्थिर सरकार दी है. उनकी नीतियों के कुछ लोग निंदा कर सकते हैं, सबको आजादी और लोकतंत्र में सभी ऐसा कर सकते हैं. मगर एक स्थिर सरकार, इस बारे में आप भारत के इतिहास में देखेंगे तो यह एक सफलता है. आजादी के बाद शुरुआत में यह जरूर देखा गया, लेकिन उसके बाद गठबंधन की सरकार बनीं. एक दौर ऐसा आया, खासकर 1990 में, जब बार-बार गठबंधन की सरकारें बनीं, गिरीं और फिर चुनाव हुए. इस तरह एक अस्थिरता की स्थिति रही.’

यूपीए के कार्यकाल का उदाहरण दिया

इस दौरान, शर्मिष्ठा मुखर्जी ने यूपीए के कार्यकाल का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा, ‘2004 से लेकर 2014 तक यूपीए-1 और यूपीए-2 में गठबंधन सरकारें स्थिर रहीं, लेकिन बहुत सारे फैसले सरकार चाहते हुए भी नहीं ले पाईं. जिन्होंने 2004 से लेकर 2014 तक सरकारों को देखा है, उन्होंने देखा होगा कि भले सरकारें नहीं गिरीं, लेकिन बहुत उतार-चढ़ाव भरा कार्यकाल रहा. यूपीए-1 में न्यूक्लियर डील के बाद लेफ्ट ने अपना समर्थन ले लिया था. बहुत सारे भ्रष्टाचार के मामले आए थे. उनमें सहयोगी दलों के मंत्रियों और सांसदों के भी नाम आए थे.’

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि अगर आप दूसरे दलों का सहयोग लेकर गठबंधन सरकार बनाते हैं तो यहां अस्थिरता की संभावनाएं रहती हैं और बहुत ज्यादा मजबूत फैसले लेने में भी मुश्किल आती है. हालांकि, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार को एक जनादेश मिला और उन्होंने एक स्थिर सरकार देश को दी है.

उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा,

‘अगर आप आज विश्व की जियोपॉलिटिकल परिस्थितियों, मध्य पूर्व का संकट और यूरोप में रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष को देखें तो चारों तरफ अस्थिरता की स्थिति है. उस हालात को देखते हुए केंद्र में एक स्थिर सरकार रहना बहुत जरूरी है और मुझे लगता है कि पीएम नरेंद्र मोदी एक स्थिर सरकार देने में सफल रहे हैं.’

नरेंद्र मोदी एक बहुत ही मजबूत प्रधानमंत्री

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि हर प्रधानमंत्री देश की प्रगति में योगदान देता है. हर किसी की क्षमता अलग होती है, लेकिन हर प्रधानमंत्री और हर सरकार देश को आगे बढ़ाने के लिए काम करते हैं. किसकी क्षमता क्या है और किसकी कमजोरी क्या है, वो इतिहास ही बता सकता है. नरेंद्र मोदी एक बहुत ही मजबूत प्रधानमंत्री हैं.

शर्मिष्ठा ने फिर से दोहराया कि पीएम मोदी एक स्थिर सरकार दी है. उन्होंने ‘डिजिटल इंडिया’ बनाया है और भारतीय अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण किया है. आज हर घर या दूर गांव में जाएंगे तो वहां भी फोन के माध्यम से पेमेंट कर सकते हैं. यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. इसी तरह उनकी अनेकों अच्छी पॉलिसी हैं. जिस तरह वैश्विक परिस्थितियों में वह देश में स्थिर सरकार चला रहे हैं, वह भी बहुत प्रशंसनीय है. हालांकि, उनकी कुछ नीतियों का विरोध भी होता है, जो लोकतंत्र का हिस्सा है.

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-भारत एक्सप्रेस 

Shubhra Rai

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