एनसीपी नेता रामावतार जग्गी हत्या मामले को रीओपन किए जाने के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ 6 अप्रैल को सुनवाई करेगी.
छतीसगढ़ हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है.
राजधानी रायपुर में 4 जून 2003 को राम अवतार जग्गी को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उस समय के तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के राजनीतिक विरोधियों ने इस हत्या को राज्य के गठन के बाद पहली राजनीतिक हत्या बताया था.
विधानसभा चुनाव के बाद छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनी, तब मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच का जिम्मा सीबीआई को सौप दिया था. इस मामले में 2007 में सीबीआई की विशेष अदालत ने 28 लोगों को दोषी करार दिया था. लेकिन अमित जोगी को संदेह का लाभ देते हुए आरोपो से बरी कर दिया गया था.
इसके खिलाफ सीबीआई ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अपील दायर की थी, बाद में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद देरी को माफ करते हुए मामले को हाई कोर्ट भेज दिया था.
मामले पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने 2 मार्च 2026 को अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए, निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया और सरेंडर करने का आदेश दिया.
पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कहा था कि वह सीबीआई की उस याचिका पर फिर से विचार करें, जिसमें जोगी को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति मांगी गई थी.
हाई कोर्ट के फैसले के बाद अमित जोगी ने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि प्रिय मित्रों और शुभचिंतकों, आज माननीय उच्च न्यायालय ने मुझे सुनवाई का अवसर दिए बिना, मेरे विरुद्ध सीबीआई की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया.
अमित जोगी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोष मुक्त किया था, उसे सुनवाई का एक भी अवसर दिए बिना दोषी करार दिया गया. यह अप्रत्याशित है.
अमित जोगी ने अपने पोस्ट में ये भी लिखा कि अदालत ने मुझे तीन सप्ताह के अंदर आत्मसमपर्ण करने का समय दिया है. मुझे लगता है कि मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है. मुझे पूरा विश्वास है कि उच्चतम न्यायालय से मुझे न्याय मिलेगा. मैं न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास रखता हूं. सत्य की जीत अवश्य होगी. आप सभी से आग्रह है कि मेरे जीत के लिए प्रार्थना करें और अपना आशीर्वाद बनाए रखें. जय छत्तीसगढ़. जबकि राम अवतार जग्गी के बेटे ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि सत्य की जीत है.
ये भी पढ़ें: फर्जी बीमा घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! SIT जांच के आदेश, अनिल अंबानी की कंपनी पर भी केस
-भारत एक्सप्रेस
Mirzapur brother sister suicide over ghee dispute: मिर्जापुर के अदलहाट में ज्यादा घी खाने के…
International Kullu Dussehra: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का आयोजन 21 से 27…
UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी के तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के…
UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया…
1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान नेफा मोर्चे पर क्या हुआ था? थागला रिज से…
PM Modi meets Canadian Foreign Minister Anita Anand: पीएम मोदी से कनाडा की विदेश मंत्री…