Supreme Court: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने को कहा है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने आजम खान की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की दलीलों को सुनने के बाद यह आदेश दिया है.
कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से 16 नवंबर तक सुनवाई का अनुरोध किया है. साथ कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि इससे संबंधित सभी दस्तावेजो को दो दिन के भीतर इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजा जाए. मामले की सुनवाई के दौरान आजम खान की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि मैं हर चीज का सामना करूंगा, लेकिन मुझे जमानत चाहिए. मैं 80 साल का हो गया हूं. उन्होंने मुझे ईडी के केस में गिरफ्तार किया है और 28 मामले और भी है. तो मैं जेल में ही मर जाऊंगा. उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी पूरी तरह से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय जेल में रखने के मकसद से की गई है.
उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आते ही ईडी ने उन्हें बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया था. सिब्बल ने कोर्ट को यह भी बताया कि यह मामला 2006 जा है. जबकि एफआईआर 2019 में दर्ज की गई है. पीएमएलए कहां से आ गया. यह मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है. जिस मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया है. आजम खान फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. जिसके खिलाफ आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. आजम खान ने अपनी याचिका में 29 अक्टूबर को डबल पैन कार्ड मामले में जेल से रिहा होने के 40 मिनट बाद ही ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती दी है.
आजम खान ने 1 नवंबर के उस विशेष अदालत के आदेश को रद्द करने और रिहाई की मांग की है. इससे पहले शनिवार को रामपुर जेल से रिहा होने के तुरंत बाद आजम खान को ईडी ने हिरासत में ले लिया था. वे दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को ही जेल से बाहर आए थे. ईडी का आरोप है कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और आम जनता से जुड़े कामों के लिए रखा गया सरकारी धन जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल किया गया. इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बताया गया है. इसी आधार पर एजेंसी ने 28 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क किया था. ये आरोप ईडी के हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है.
बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम खान और सपा नेता आजम खान के खिलाफ 6 दिसंबर 2019 को रामपुर के सिविल लाइन थाने में दो पैन कार्ड रखने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता आकाश सक्सेना का कहना था कि अब्दुल्ला आजम ने 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी शपथ पत्र में गलत पैन नंबर दर्ज किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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